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Showing posts from August, 2020

गाय के दूध से एलर्जी है तो ये 4 तरह के दूध डाइट में शामिल कर सकते हैं, ये दांत और हडि्डयों को मजबूत बनाते हैं और कोरोनाकाल में इम्युनिटी भी बढ़ाएंगे

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गाय के दूध से एलर्जी है तो ये 4 तरह के दूध डाइट में शामिल कर सकते हैं, ये दांत और हडि्डयों को मजबूत बनाते हैं और कोरोनाकाल में इम्युनिटी भी बढ़ाएंगे https://ift.tt/3ltWm0d दूध को कंप्लीट फूड कहते हैं। इसमें कैल्शियम अधिक पाए जाने के कारण यह हड्डियों को मजबूत बनाता है। मार्केट में दूध की कई वैरायटी (फुल क्रीम, टोंड, डबल टोंड और स्किम्ड दूध) होने के कारण लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि कौन सा दूध उनके लिए बेहतर है। एक बड़ा सवाल है कि अगर गाय या भैंंस के दूध से एलर्जी हो तो डाइट में इसका कौन सा विकल्प शामिल करें। एक गिलास दूध रोजाना लेना जरूरी है क्योंकि यह हडि्डयों और दांतों को मजबूत रखने के साथ कोरोनाकाल में आपकी इम्युनिटी भी बढ़ाएगा। डाइटीशयन सुरभी पारीक से जानते हैं कि दूध की वैरायटी और उनका कब और क्यों इस्तेमाल किया जाए... 5 प्वाइंट्स : जरूरत के मुताबिक कैसे चुनें दूध गाय का दूध : दूसरे दूध के मुकाबले इसमें कैल्शियम अधिक गाय के शुद्ध दूध में 88 फीसदी पानी और प्रोटीन, गुड फैट व विटामिन-डी अधिक मात्रा में पाया जाता है। दूसरे दूध के मुकाबले इसमें कैल्शियम अधिक पाया जाता है। ओमेगा-3 फै...

इंडोनेशिया में मच्छर को बैक्टीरिया से संक्रमित करके हवा में छोड़ा, 77% तक डेंगू के मामले घटे; दावा- वोल्बाचिया बैक्टीरिया संक्रमण फैलने से रोकता है

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इंडोनेशिया में मच्छर को बैक्टीरिया से संक्रमित करके हवा में छोड़ा, 77% तक डेंगू के मामले घटे; दावा- वोल्बाचिया बैक्टीरिया संक्रमण फैलने से रोकता है https://ift.tt/3gLasqu इंडोनेशिया में डेंगू के मामलों को घटाने के लिए नया प्रयोग किया गया है। मच्छरों में खास तरह बैक्टीरिया को इंजेक्ट किया गया जो डेंगू के वायरस को फैलने से रोकता है। इन मच्छरों को खुले में छोड़ दिया गया है। रिसर्च में सामने आया कि डेंगू के मामलों में 77 फीसदी कमी आई। डेंगू का वायरस संक्रमण के बाद बुखार और शरीर में दर्द की वजह बनता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, डेंगू का वायरस हर साल 40 करोड़ लोगों को संक्रमित करता है और 25 हजार लोगों की इससे मौत हो जाती है। ऐसे हुई रिसर्च इस पर रिसर्च करने वाली इंडोनेशिया की योग्यकार्ता यूनिवर्सिटी के रिसर्चर आदी उतरानी के मुताबिक, यह बड़ा बदलाव लाने वाली खोज है, उम्मीद है इससे डेंगू के मामले घटेंगे। पिछले तीन साल में ऐसे 3 लाख मच्छर छोड़े गए जिसमें वोल्बाचिया नाम के बैक्टीरिया को डाला गया था। इसे शहर के अलग-अलग में छोड़कर असर देखा गया। रिसर्च में सामने आया योग्यकार्ता शहर में स...

5 योगासन जो कोरोनाकाल में मन काे शांत रखेंगे और तनाव-बेचैनी को दिमाग पर हावी होने से रोकेंगे; हर 7 में से 1 भारतीय मानसिक बीमारी से जूझ रहा

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5 योगासन जो कोरोनाकाल में मन काे शांत रखेंगे और तनाव-बेचैनी को दिमाग पर हावी होने से रोकेंगे; हर 7 में से 1 भारतीय मानसिक बीमारी से जूझ रहा https://ift.tt/2Gc9yqz कोरोनाकाल में सुसाइड, स्ट्रेस और डिप्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, दुनियाभर में 26 करोड़ से ज्यादा लोग डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। लैंसेट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर 7 में से 1 भारतीय मानसिक रोगी है। इसलिए तय करें कि दिमाग को शांत रखने के लिए वक्त निकालेंगे। जयपुर के फिटनेस एक्सपर्ट विनोद सिंह बता रहे हैं डिप्रेशन, स्ट्रेस और एंग्जाइटी को दूर करने वाले 5 आसनों के बारे में... अधोमुख श्वानासन (डाउनवर्ड फेसिंग डॉग पोज) ऐसे करें पेट के बल लेटें और सांस खींचते हुए पैरों और हाथों के बल शरीर को उठाएं और टेबल जैसा आकार बनाएं। सांस को बाहर निकालते हुए धीरे-धीरे कूल्हों (हिप्स) को ऊपर की तरफ उठाएं। अपनी कोहनियों और घुटनों को सख्त बनाए रखें। ध्यान रखें कि शरीर उल्टे 'वी' के आकार में आ जाए। कंधे और हाथ एक सीध में रखें और पैर कूल्हे की सीध में रहेंगे। टखने बाहर की तरफ रहेंगे। अब हाथों क...

आप तक ऐसे पहुंचेगा कोरोना का टीका, इसलिए लग रहा है समय; अंतिम चरण का ह्यूमन ट्रायल पूरा होने पर वैक्सीन स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन भी चुनौती से कम नहीं

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आप तक ऐसे पहुंचेगा कोरोना का टीका, इसलिए लग रहा है समय; अंतिम चरण का ह्यूमन ट्रायल पूरा होने पर वैक्सीन स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन भी चुनौती से कम नहीं https://ift.tt/31FVD4l दुनियाभर में इस समय अब कोरोना के मामलों से ज्यादा वैक्सीन की चर्चा है। भारत समेत ज्यादातर देश इस साल के अंत कोरोना का टीका उपलब्ध होने की बात कह रहे हैं। लेकिन वैक्सीन तैयार करना जितना चुनौतीभरा काम है उतना ही मुश्किल होगा दुनियाभर के लोगों तक इसे पहुंचाना। वैक्सीन का सफर भी आसान नहीं होता। यह कई चरणों को पार करते हुए आप तक पहुंचता है, इसलिए तैयार होने में सालों लगते हैं। आज संडे स्पेशल खबर में पढ़िए कोविड-19 का टीका आप तक कैसे पहुंचेगा... 1- वायरस की पड़ताल पहले शोधकर्ता पता करते हैं कि वायरस कोशिकाओं को कैसे प्रभावित करता है। वायरस प्रोटीन की संरचना से देखते हैं कि क्या इम्यून सिस्टम बढ़ाने के लिए उसी वायरस का इस्तेमाल हो सकता है। उस एंटीजन को पहचानते हैं, जो एंटीबॉडीज बनाकर इम्यूनिटी बढ़ा सकता है। 2- प्री-क्लिनिकल डेवलपमेंट में जानवरों पर परीक्षण होता है मनुष्यों पर परीक्षण से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी...

15 मिनट में पता चलेगा कोरोना का संक्रमण हुआ है या नहीं, अमेरिकी कम्पनी ने लॉन्च की 400 रुपए वाली किट

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15 मिनट में पता चलेगा कोरोना का संक्रमण हुआ है या नहीं, अमेरिकी कम्पनी ने लॉन्च की 400 रुपए वाली किट https://ift.tt/34JgoOp अमेरिकी कम्पनी एबॉट ने कोरोना संक्रमण की जांच के लिए नई कोविड किट तैयार की है। किट की मदद से मात्र 15 मिनट में कोरोना की जांच की जा सकेगी। एक किट की कीमत 400 रुपए है। कम्पनी ने इसका नाम बाइनेक्स-नाउ रखा है। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने इसे मंजूरी दे दी है। कैसे करें इसका इस्तेमाल, 5 पॉइंट से समझिए किट बनाने वाली कम्पनी का कहना है, नई किट से जांच करना बेहद आसान है। यह किट बिल्कुल वैसे काम करती है जैसे प्रेग्नेंसी टेस्ट किट। टेस्ट करने के लिए संदिग्ध व्यक्ति के नाक से सैंपल लेकर किट के कार्ड कार्ड में एक तरल रसायन के साथ डालना होगा। इसके बाद यह कार्ड बंद हो जाएगा और सैम्पल के साथ वो तरल रसायन कार्ड की सतह में लगे रिएक्टिव मॉलिक्यूल के ऊपर से गुजरेगा। अगर सैम्पल कोरोना पॉजिटिव आता है तो कार्ड पर एक रंगीन रेखा दिखेगी। प्रेग्नेंसी टेस्ट में हार्मोन का पता लगाया जाता है, वैसे ही इसमें एंटीजन का पता लगाया जाएगा। इस टेस्ट में जिन लोगों को सैम्पल प...

ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर का खतरा घटाना है तो शिशु को 6 माह तक स्तनपान जरूर कराएं; कोरोनाकाल में भी इसे न रोकें

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ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर का खतरा घटाना है तो शिशु को 6 माह तक स्तनपान जरूर कराएं; कोरोनाकाल में भी इसे न रोकें https://ift.tt/2EOxHm5 कोरोनाकाल में महिलाएं बच्चों को ब्रेस्टफीडिंग कराने में हिचक रही हैं। ब्रेस्टफीडिंग कराना शिशु के साथ मां की सेहत के लिए भी जरूरी है। बिहार के बेगूसराय की आईसीडीएस डीपीओ रचना सिन्हा के मुताबिक, शिशु को जन्म से छह माह तक मां का दूध मिलना बेहद जरूरी है। इससे मां में ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर का खतरा घटता है। शिशु में डायरिया और निमोनिया का खतरा घटता है कोरोना महामारी के दौरान सुरक्षा के साथ ब्रेस्टफीडिंग को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं आईसीडीएस मिलकर महिलाओं को जागरुक कर रहा है। आईसीडीएस डीपीओ रचना सिन्हा कहती हैं, मां के दूध से बच्चों को उनकी जरूरत के मुताबिक एनर्जी मिलती है। इससे डायरिया और निमोनिया का खतरा 11 से 15 गुना तक कम हो जाता है। मां भी स्वस्थ रहती है। हाल ही में कैंसर पर प्रकाशित हुई आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में सबसे ज्यादा महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होता है। ब्रेस्ट कैंसर के केस बढते जा रहे हैं। WHO ने भी कहा, कोरोनाकाल मे...

अस्पताल में कोरोना पीड़ितों का तनाव और अकेलापन दूर करने आया रोबोट, बारी-बारी पेशेंट से बात करता है; डॉक्टर्स भी इसके जरिए मरीज का हाल पूछते हैं

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अस्पताल में कोरोना पीड़ितों का तनाव और अकेलापन दूर करने आया रोबोट, बारी-बारी पेशेंट से बात करता है; डॉक्टर्स भी इसके जरिए मरीज का हाल पूछते हैं https://ift.tt/3gyUnnO अस्पताल में भर्ती कोरोना के मरीज अपनों से दूर हैं। वे वायरस से लड़ने के साथ तनाव से भी जूझ रहे हैं। मेक्सिको के एक हॉस्पिटल में मरीजों का अकेलापन दूर करने के लिए रोबोट तैनात किया गया है। यह बारी-बारी मरीजों के पास जाता है और बात करके तनाव दूर करने की कोशिश करता है। रोबोट की मदद से डॉक्टर्स मरीजों से भी बात करते हैं रोबोट का नाम ला-लुची रोबोटिना है। इसक लम्बाई 4.6 फीट है। इसमें व्हील लगे हैं जिसकी मदद से यह कोरोना के मरीजों के पास पहुंचता है। इसके कैमरा और डिस्पले स्क्रीन भी लगी है। जिसकी मदद से डॉक्टर्स मरीज से बात करते हैं। इनसे संक्रमण फैलने का खतरा नहीं रोबोट को नवम्बर 20 नेशनल मेडिकल सेंटर में लगाया गया है। हॉस्पिटल की न्यूरोसायकोलॉजिस्ट ल्युसिया लेडेसमा के मुताबिक, इस रोबोट की मदद से एक इंसान होने का अहसास होता है। कोविड-19 जोन में बिना किसी ड्रॉपलेट इंफेक्शन के वह घूम सकता है। खास तरह की आवाज से घटाता है ...

दिल्ली के शख्स का चेन्नई में हुआ लंग ट्रांसप्लांट, कोरोना के कारण दोनों फेफड़े बुरी तरह डैमेज हुए; वेंटिलेटर सपोर्ट भी बेअसर रहा

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दिल्ली के शख्स का चेन्नई में हुआ लंग ट्रांसप्लांट, कोरोना के कारण दोनों फेफड़े बुरी तरह डैमेज हुए; वेंटिलेटर सपोर्ट भी बेअसर रहा https://ift.tt/32vRP4Q चेन्नई के एक प्राइवेट अस्पताल में 48 साल के कोरोना पीड़ित का ट्रांसप्लांट हुआ। कोरोना के कारण दोनों फेफड़े बुरी तरह डैमेज हो चुके थे। हालत अधिक बिगड़ने पर उसे गाजियाबाद से चेन्नई के एमजीएच हेल्थकेयर अस्पताल लाया गया। यहां उसके दोनों फेफड़ों को ट्रांसप्लांट किया गया। यह कोविड-19 मरीज में हुआ एशिया का पहला लंग ट्रांसप्लांट है। संक्रमण के बाद फेफड़े बुरी तरह डैमेज हुए एमजीएच हेल्थकेयर अस्पताल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मरीज दिल्ली का रहने वाला है। 8 जून को उसकी कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उस समय फेफड़े का एक छोटा सा हिस्सा ही काम कर रहा था। कोरोना के संक्रमण के कारण उसके फेफड़े बुरी तरह से डैमेज हो चुके थे। संक्रमण के बाद डेढ़ महीने तक फेफड़े फायब्रोसिस की समस्या से जूझ रहे थे। वेंटिलेटर सपोर्ट भी बेअसर रहा सांस लेने में बढ़ती दिक्कत और शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने पर उसे 20 जून को वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया। वेंटिलेटर सपोर्ट के बाद भ...

जल्द ही कोरोना के मरीजों प्लाज्मा थैरेपी की जरूरत नहीं पड़ेगी, इंटास फार्मा ने मानव प्लाज्मा से तैयार की दवा, अगले महीने शुरू होगा ह्यूमन ट्रायल

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जल्द ही कोरोना के मरीजों प्लाज्मा थैरेपी की जरूरत नहीं पड़ेगी, इंटास फार्मा ने मानव प्लाज्मा से तैयार की दवा, अगले महीने शुरू होगा ह्यूमन ट्रायल https://ift.tt/2EPnXYM अहमदाबाद की फार्मा कम्पनी इंटास फार्मास्युटिकल ऐसी दवा विकसित की है जो कोरोना मरीजों के लिए प्लाज्मा थैरेपी का विकल्प बनेगी। कंपनी का दावा है कि इस दवा को लेने के बाद कोविड-19 रोगियों को प्लाज्मा थैरेपी की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस दवा को मानव प्लाज्मा से तैयार किया गया है। ह्यूमन ट्रायल की मंजूरी मिली इंटास फार्मास्युटिकल के चिकित्सा और नियामक मामलों के हेड डॉ. आलोक चतुर्वेदी ने कहा कि यह देश में पहली बार है कि ऐसी दवा बनाई जा रही है जो पूरी तरह से स्वदेशी है। कोविड-19 के उपचार के लिए विशेष रूप से विकसित हाइपरिम्यून ग्लोब्युलिन के ह्यूमन ट्रायल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) से मंजूरी मिल गई है। हम इसके लिए गुजरात और देश के कई अस्पतालों के साथ बातचीत कर रहे हैं। अगले एक महीने में ट्रायल शुरू हो जाएगा। 30 एमजी की खुराक पर्याप्त होगी डॉ. चतुर्वेदी के मुताबिक, वर्तमान में कोरोना रोगियों को लगभग 300 एमजी ...

कमजोर इम्युनिटी के कारण कैंसर रोगियों में कोरोना होने पर मौत का खतरा 25 फीसदी ज्यादा, इसलिए अधिक अलर्ट रहें और ये 12 लक्षण नजरअंदाज न करें

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कमजोर इम्युनिटी के कारण कैंसर रोगियों में कोरोना होने पर मौत का खतरा 25 फीसदी ज्यादा, इसलिए अधिक अलर्ट रहें और ये 12 लक्षण नजरअंदाज न करें https://ift.tt/34JZnng 2025 तक देश में कैंसर पीड़ितों की संख्या करीब 15.7 लाख होगी। यहां कैंसर रोगियों का जिक्र इसलिए, क्योंकि मौजूदा कोरोना काल में कैंसर मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कते हो रही हैं। कोरोना के चलते कैंसर पीडितों के इलाज और उनकी देखभाल में भारी बदलाव आया है। विशेषज्ञों ने अमेरिका के न्यूयार्क स्थित मोंटफोर मेडिकल सेंटर में भर्ती 218 ऐसे कैंसर मरीजों का अध्ययन किया जो कोरोना से संक्रमित हो चुके थे। 18 मार्च से 8 अप्रैल के बीच की गई इस स्टडी में वैज्ञानिकों ने पाया कि इनमें से 61 मरीजों की मौत कोरोना संक्रमण से हो गई जो कि कुल संख्या का 28% है। इस दौरान अमेरिका में कोरोना से मृत्यु दर 5.8 प्रतिशत थी। कोरोनाकाल में इनकी देखभाल कैसी होनी चाहिए, यह बता रहे हैं अपोलो अस्पताल, नवी मुम्बई के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. शिशिर शेट्‌टी .... इन 12 में से कोई भी लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सम्पर्क करें तेज बुखार आना, शरीर में कंप...

दुनिया का सबसे बड़ा रूफटॉप ग्रीनहाउस, यहां मिलेंगी 100 से अधिक ऑर्गेनिक सब्जियों और हर्ब की वैरायटी

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दुनिया का सबसे बड़ा रूफटॉप ग्रीनहाउस, यहां मिलेंगी 100 से अधिक ऑर्गेनिक सब्जियों और हर्ब की वैरायटी https://ift.tt/3hCQ64b यह है दुनिया सबसे बड़ा रूफटॉप ग्रीन हाउस। इसे कनाडा के दूसरे सबसे बड़े शहर मॉन्ट्रियल में बनाया गया है। हाल ही में इसका उद्घाटन किया गया है। यहां ऑर्गेनिक सब्जियां उगाई जाती हैं। इसे तैयार करने वाली कम्पनी लूफा फार्म का कहना है कि यहां पर उगने वाली सब्जियां स्थानीय लोगों को किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी। 2 फुटबॉल ग्राउंड के बराबर इसका क्षेत्रफल यह रूफटॉप ग्रीनहाउस 15,000 स्क्वायर मीटर में बना है। यानी यह 2 फुटबॉल ग्राउंड के बराबर है। इसे बनाने वाली कंपनी लूफा फार्म ने इस तरह का पहला ग्रीनहाउस 2011 में बनाया था। अब पेरिस में ऐसा ग्रीनहाउस बनाने की योजना कंपनी अब तक न्यूयॉर्क, शिकागो और डेनवर में आठ ग्रीनहाउस बना चुकी है। पेरिस भी इस तरह का ग्रीनहाउस बनाने की योजना है। कंटेनर में लगाए जाते हैं पौधे यहां 100 से अधिक तरह की सब्जियां और हर्ब को हाइड्रोफोनिक कंटेनर में उगाया जाता है। कंटेनर में चारों तरफ नारियल का जूट लपेटा जाता है। कंटेनर के अंदर लिक्विड...

डायबिटीज के रोगी तनाव से बचें, इससे ब्लड शुगर बढ़ता है और संक्रमण हुआ तो रिकवरी रेट गिरता है; याद रखें एक्सपर्ट की ये 10 सलाह

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डायबिटीज के रोगी तनाव से बचें, इससे ब्लड शुगर बढ़ता है और संक्रमण हुआ तो रिकवरी रेट गिरता है; याद रखें एक्सपर्ट की ये 10 सलाह https://ift.tt/3ltbn2f महामारी के बीच डायबिटीज के रोगियों को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य मरीजों के मुकाबले डायबिटीज के रोगियों में निमोनिया, फेफड़ों में सूजन तथा संक्रमण होने पर स्थिति काफी बिगड़ सकती है। इसकी वजह है इम्युनिटी। एक्सपर्ट के मुताबिक, डायबिटीज के मरीजों की रोगों से लड़ने की क्षमता सामान्य रोगियों के मुकाबले काफी कम होती है। इससे उनकी आंतों में सूजन तथा जलन बढ़ सकती है। इस दौरान कोरोना संक्रमण होने पर जान का भी जोखिम बढ़ सकता है। कोरोना महामारी की चपेट में आने के बाद कई बार रोगी तनाव में आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में अगर कोई मधुमेह से पीड़ित नहीं है, तो उसका भी शुगर का स्तर बढ़ जाता है और रिकवरी दर में गिरावट आ जाती है। इसलिए अलर्ट रहें। कोरोनाकाल में डायबिटीज के रोगियों के लिए 10 टिप्स 1. एक हफ्ते की खुराक अपने पास जरूर रखें गुरुग्राम की न्यूट्रिशन एंड फंक्शनल मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. प्रीति नन्दा सिब्बल कहती हैं, कोरोना महामारी के द...