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Showing posts from April, 2023

हार्ट से लेकर ब्रेन व वेट लॉस के लिए फेमस है यह ड्रायफ्रूट, यहां जानिये इसके फायदे

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हार्ट से लेकर ब्रेन व वेट लॉस के लिए फेमस है यह ड्रायफ्रूट, यहां जानिये इसके फायदे https://ift.tt/xCO6ula Superfood for Heart, Brain, Weight Loss: हेल्दी रहने के लिए ड्राई फ्रूट्स और नट्स को सदियों से डाइट में शामिल किया जा रहा है। कई स्टडीज और रिसर्च ने भी ड्राई फ्रूट्स के अनेक फायदे बताए हैं। उसमें भी खासकर अखरोट को एक सुपरफूड बताया गया है। रिसर्च और स्टडीज में इसे बेहतर हेल्थ रिजल्ट्स के लिए कारगर माना गया है। इसका कारण यह है की अखरोट में कोलेस्ट्रॉल लेवल सुधारने, सूजन को कम करने और ब्लड वेसल के फंक्शन को बढ़ाकर हार्ट डिजीज का रिस्क कम करने की क्षमता है। स्टडीज ने यह भी बताया है कि अखरोट के सेवन से न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव हो सकते हैं जो ब्रेन हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। हालंकि अखरोट हेल्दी डाइट के लिए बेहतरीन ड्राई फ्रूट साबित हुआ है लेकिन इसका सेवन कम मात्रा मैं किया जाना चाहिए। इस आर्टिकल में जानते हैं क्या है हमारी बॉडी के लिए अखरोट के अनेक फायदे। Helps to Manage Weight: अखरोट में हाई कैलोरी होने के बावजूद यह वजन कम करने में मदद करता है। नेशनल इंस्टीटूट्स ऑफ़ हेल्थ में प...

क्या फैटी एसिड दे सकता है आपकी फिटनेस जर्नी में आपका साथ ? जानिए यहां

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क्या फैटी एसिड दे सकता है आपकी फिटनेस जर्नी में आपका साथ ? जानिए यहां https://ift.tt/g2cs96G Power of Fatty Acids, Weight Loss: अपनी सेहत और बढ़ते वजन को लेकर आज हम में से कई इतने हैं अवेयर हैं कि डाइट चार्ट हमारे जीवन का इम्पोर्टेन्ट हिस्सा बन गया हैं। इसी के चलते हम तरह तरह के हेल्दी फूड्स और सप्लीमेंट्स को अपनी डाइट में शामिल करते हैं। ये वो फूड्स व सुप्प्लिमेंट्स है जो हमें फिट और स्वस्थ रखने के लिए जरूरी हैं। फैटी एसिड उन्ही सप्प्लिमेंट्स में से एक हैं। हालांकि फैटी एसिड्स का नाम सुनते ही हेल्थ कॉन्शियस लोगों के बीच आतंक फैल जाता है, परन्तु एक्सपर्ट्स का मानना है कि फैटी एसिड्स न सिर्फ शरीर के लिए पोषक तत्वों की पूर्ति करता है बल्कि वजन कम करने में भी सहायक हो सकता है। Monounsaturated Fatty Acids: काजू, सनफ्लावर ऑयल, कैनोला ऑयल, तिल का तेल, मूंगफली का तेल, बादाम का तेल ऑलिव ऑयल, अवोकेडो आयल, ओटमील और डेयरी प्रोडक्ट्स में मोनोअनसैचुरेटेड फैट पाया जाता है। ये सभी MUFA के स्रोत हैं। मोनोअनसैचुरेटेड फैट वाले फ़ूड, लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) को कम करने मैं मदद करते हैं। इसी...

Mothers' Health: मां क्यों करती हैं स्वास्थ्य की उपेक्षा, ऐसे करे हर माँ खुद की देखभाल

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Mothers' Health: मां क्यों करती हैं स्वास्थ्य की उपेक्षा, ऐसे करे हर माँ खुद की देखभाल https://ift.tt/BNkn34A Mothers' Health: आज कई मदर्स अपने काम से अलावा अपने बच्चों के साथ - साथ अपने पेरेंट्स से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। वर्कप्लेस और परिवार को संभालते हुए अक्सर एक माँ अपनी हेल्थ को प्रायोरिटी देना जरूरी नहीं समझती हैं। उनके लिए खुद की जरूरतों को दूसरों की इच्छाओं से पहले रखना मुश्किल होता है। इसकी वजह सोशल कंडीशनिंग, सामाजिक प्रेशर या फिर सपोर्ट की कमी हो सकती है। इसीलिए वे अक्सर खुद को कई जिम्मेदारियों से जूझते हुए पाती हैं और अपनी देखभाल के लिए बहुत कम समय निकल पाता है। इस आर्टिकल में हम ने कुछ ऐसे टिप्स साझा किये हैं जिनकी मदद से बढ़ती उम्र में हर माँ अपनी खुद की देखभाल व माता-पिता और अपने बच्चों से जुडी चुनौतियों का सामना कर सकती है। ये टिप्स उन्हें वर्क, होम और खुद के प्रति जिम्मेदारियों को बैलेंस करने में मदद कर सकते हैं। Set boundaries: वर्कप्लेस, परिवार के सदस्य और दोस्तों के साथ बॉउंड्रीज़ निर्धारित करना आवश्यक है। इसके लिए आपको जरूरत पड़ने पर ...

Silent Struggle: क्यों 40 साल के बाद महिलाएं को होती है थकान, क्या पेरीमेनोपॉज है कारण?

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Silent Struggle: क्यों 40 साल के बाद महिलाएं को होती है थकान, क्या पेरीमेनोपॉज है कारण? https://ift.tt/nRTp6Y4 Perimenopause, Silent Struggle: इन दिनों कई वीमेन में शरीर में थकान, या एनर्जी की कमी ज्यादा देखी जा रही है।। खासकर उनमें जिनकी उम्र चालीस से अधिक है। इन महिलाओं में अक्सर फटीग यानी थकान के सिम्पटम्स पाए जाते हैं। ऐसा होने पर वे अपने रोजमर्रा का छोटा- मोटा काम, जिसे पहले वो मिनटों में कर लिया करते थे, अब करते हुए थक जाते हैं। महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ थकान या फटीग महसूस होना आम बात है। इसके कई कारण हो सकते हैं जिनमें हार्मोनल चेंजेज, नींद की कमी, मेटाबोलिज्म में चेंजेज व एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में उतार-चढ़ाव शामिल हैं। साथ ही पेरिमेनोपॉज भी एक संभावित लक्षण है। यह हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकता है। कुछ मामलों में इसे मैनेज करना सबसे कठिन लक्षणों में से एक हो सकता है। What is Perimenopause: मेनोपॉज से पहले आता है पेरीमेनोपॉज। यह आमतौर पर 40 साल की उम्र के बाद आता है। इस दौरान महिलाएं फटीग यानी थकान महसूस करतीं हैं। मेडिकल न्यूज़ टुडे में पब्लिश्ड एक रिसर...

Mothers Day 2023: हर औरत को मां बनने पर करना पड़ता है इन चुनौतियों का सामना

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Mothers Day 2023: हर औरत को मां बनने पर करना पड़ता है इन चुनौतियों का सामना https://ift.tt/vzZY9dm Mothers Day 2023: माँ बनना एक खुशियों से भरपूर अनुभव है। अपने बच्चे को गोद में लेना, उसे सुलाना, उसका माथा चूमना और उसकी नन्ही-नहीं उंगलियों को अपने हाथों में भर लेना हर माँ को एक ख़ास अनुभव देता है। माँ बनने की ख़ुशी के साथ दबे पावं कुछ चुनौतियां भी आती हैं जो नयी मॉम को फिजिकल, मेन्टल और इमोशनल रूप से थकान महसूस करवाती हैं। अपने बच्चे की देखभाल और खुद की देखभाल के बीच संतुलन बनाना नई मॉम्स के लिए मुश्किल हो सकता है। उनके लिए स्वयं की देखभाल को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है, चाहे वह बच्चे के सोते समय झपकी लेना हो या बाहर टहलने जाना हो। इसी के चलते कभी नयी चुनौतियों को लेकर स्ट्रेस या फिर कभी 'परफेक्ट मॉम' ना होने का गिल्ट हर नयी माँ को सताता है। इस आर्टिकल में जानिए नयी मॉम्स को किन चैलेंजेज का सामना करना पड़ता है। Breastfeeding: ब्रेस्टफीडिंग की अपनी चुनौतियां है। कई बार यह इतना आसान नहीं होता है। जिसकी वजह से बच्चा भूखा रह सकता है और रोने लगता है। यदि वे बच्चे को फीड करान...

Mother's Day 2023: कब है मदर्स डे, क्या है हिस्ट्री और मॉम के लिए गिफ्ट आइडियाज, जानें यहां

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Mother's Day 2023: कब है मदर्स डे, क्या है हिस्ट्री और मॉम के लिए गिफ्ट आइडियाज, जानें यहां https://ift.tt/lJ8ACLw International Mother's Day 2023: मदर्स डे पहली बार 1908 में यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका में मनाया गया था। यह दिन सोशल एक्टिविस्ट और मदर्स डे वर्क क्लब की फाउंडर एन रीव्स जार्विस की याद में उनकी बेटी अन्ना जार्विस ने दुनिया की सभी मदर्स को समर्पित किया है। एन रीव्स जार्विस, ने सिविल वॉर के दोनों पक्षों में घायल सैनिकों की देखभाल की थी। उनका ये सपना था की साल में एक दिन ऐसा हो जब बच्चे अपनी माँ को उनके सैक्रिफाइस के लिए धन्यवाद दें। उनका ये सपना उनकी बेटी अन्ना जार्विस ने पूरा किया। सबसे पहला ओफिसिअल मदर्स डे 1914 में मनाया गया, जब राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे के रूप में घोषित करने की घोषणा पर साइन किये। देखते ही देखते यह दिन हर देश में पॉपुलर हो गया और लोग इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए नए-नए तरीके अपनाने लगे। माँ की ममता को समर्पित यह दिन अब पूरी तरह से मार्किट ड्रिवेन हो गया है। International Mother's Day 2023, Date: 14t...

Rising Temperature: क्या है किडनी से जुडी बीमारियां जो बढ़ते टेम्प्रेचर के कारण हो सकती है, जानें यहां

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Rising Temperature: क्या है किडनी से जुडी बीमारियां जो बढ़ते टेम्प्रेचर के कारण हो सकती है, जानें यहां https://ift.tt/XGQjPil Rising Temperature and Kidney Problems: पिछले कुछ सालों से गर्मी में बहुत ज़्यादा टेम्परेचर और हियुमिडीटी रहने लगी है। इसके कारण लोग गर्मी से जुडी बिमारियों जिन्हें हीट इलनेस (Heat illness) कहते हैं, से जूझ रहे है। नेशनल किडनी फाउंडेशन में पब्लिश्ड एक आर्टिकल के अनुसार जब हमारा बॉडी टेम्परेचर 104 डिग्री फ़ारेनहाइट से अधिक हो जाता है तो वो हमारी किडनी के लिए भारी समस्याएं बन सकता है। गर्मी में होने वाली बीमारी के लक्षण आमतौर पर तब देखे जाते हैं जब शरीर का तापमान 104 डिग्री फ़ारेनहाइट तक पहुंच जाता है और हियुमिडीटी 70% से अधिक होती है। हियुमिडीटी के बढ़ने ही पसीना शरीर की गर्मी को नष्ट नहीं कर पाता जिससे शरीर का कोर टेम्परेचर बढ़ना शुरू हो जाता है। जैसे-जैसे टेम्परेचर बढ़ता है वैसे ही हीट इलनेस जैसे हीट क्रैम्प्स , हीट एग्सहोशन और हीट स्ट्रोक के केसेज बढ़ने लगते हैं। गर्मी में बढ़ते डिहाइड्रेशन से लौ ब्लड प्रेशर और किडनी की फंक्शनिंग पर बुरा असर पड़ता है। Risin...

बालों का झड़ना और थकान को न लें हल्के में; जानिए क्या हो सकती है थायराइड व ओवेरियन डिसफंक्शन की वजह

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बालों का झड़ना और थकान को न लें हल्के में; जानिए क्या हो सकती है थायराइड व ओवेरियन डिसफंक्शन की वजह https://ift.tt/FPeRGqb Common symptoms of thyroid, ovarian dysfunction: थायराइड और ओवेरियन डिसफंक्शन दो ऐसे मेडिकल कंडीशंस है जो हर उम्र की महिलाओं को प्रभावित कर सकती हैं। खास तोर पर बढ़ती उम्र के साथ इनका रिस्क भी बढ़ जाता है। नेशनल इंस्टीटूट्स ऑफ़ मेडिकल साइंस में पब्लिश हुए एक आर्टिकल के अनुसारइन थायराइड और ओवेरियन डिसफंक्शन होने के कई अलग-अलग कारण और सिम्प्टम होते हैं, फिर भी इन दोनों के कुछ सिम्प्टम ओवरलैप हो सकते हैं। इन सिम्पटम्स में, बहुत ज़्यादा थकान, वजन में बदलाव, अनियमित पीरियड साइकिल, मूड में बदलाव, भूख ना लगना या ज़्यादा भूख लगना, बालों का झड़ना, नींद लेने में परेशानी और स्किन में बदलाव शामिल हैं। इन सिम्पटम्स के और भी कारण हो सकते है इसीलिए डॉक्टर्स का मानना है की इन परेशानियों को नजरअंदाज ना किया जाए और समय रहते डॉक्टर्स की सलाह से टेस्ट करवा लिए जाएं जिससे सही इलाज हो सके। Weight changes: थायरॉइड डिसफंक्शन और ओवेरियन डिसफंक्शन से पीड़ित महिलाओं में वजन का बढ़ना और घट...

क्या हो सकते हैं हॉस्टल लाइफ के प्रोब्लेम्स, जानें यहां

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क्या हो सकते हैं हॉस्टल लाइफ के प्रोब्लेम्स, जानें यहां https://ift.tt/bxFw1N7 Problems during hostel life: हॉस्टल लाइफ नयी जगह, नयी आजादी के साथ कई फिजिकल और मेंटल हेल्थ चैलेंजेज लेकर आती है। हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को कई हेल्थ इश्यूज होते है। इनमें कॉमन रूम, बाथरूम शेयरिंग जैसी प्रोब्लेम्स के अलावा इन्फेक्शन का खतरा भी रहता है। इसके अलावा अनहेल्दी और बिना पोषण वाला खाना, एक्सरसाइज की कमी, नींद की कमी, स्क्रीन एडिक्शन और स्मोकिंग जैसी बुरी आदत भी फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए खतरा साबित होता है। ये देखा गया है कि कई बच्चे परिवार और दोस्तों से अलग होने के कारण होमसिकनेस और अकेलापन जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं से जूझते है। कुल मिलाकर हॉस्टल लाइफ एक्सपीरियंस करने वालों बच्चों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने स्वास्थ्य को प्रायोरिटी रखें और प्राथमिकता दें नयी लाइफ की चैलेंजेज का सामना करते हुए एक हेल्दी और हैप्पी लाइफस्टाइल अपनाएं। यहां हमने हॉस्टल लाइफ में होने वाली कुछ आम समस्याओं पर रोशनी डाली है। Bad Habits: नयी फ्रीडम का नतीजा यह भी देखा गया है की हॉस्टल के बच्चे स्मोकिं...

World Malaria Day 2023: जानें थीम, डेट, हिस्ट्री और इस दिन का महत्त्व

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World Malaria Day 2023: जानें थीम, डेट, हिस्ट्री और इस दिन का महत्त्व https://ift.tt/8fNDv7b World Malaria Day 2023: मलेरिया प्लाज्मोडियम पैरासाइट के कारण होने वाली बीमारी है जो इन्फेक्टेड फीमेल एनोफिलीज मच्छरों के काटने से फैलती है। मलेरिया एक जानलेवा बिमारी है। इस बिमारी में पीड़ित को तेज बुखार होता है। यह बीमारी काफी आम है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) की मानें तो दुनिया की लगभग आधी आबादी को मलेरिया का खतरा है। साल 2021 में, अनुमानित 247 मिलियन लोग 85 देशों में मलेरिया से पीड़ित हुए। उसी वर्ष, इस बीमारी ने लगभग 619 000 लोगों की जान ले ली। हालांकि इसकी रोकथाम और इलाज दोनों मुमकिन है। इसे फैलने से रोकने के लिए सबसे पहले हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए की हमारे आस-पास साफ-सफाई है क्यूंकि मच्छर हमेशा गंदगी में पनपते है। इसके अलावा इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि कहीं भी पानी जमा ना हो। ठहरे हुए पानी में मच्छर जनम लेते है। World Malaria Day 2023, History, Importance: हर साल अप्रैल 24 को वर्ल्ड मलेरिया डे मनाया जाता है। यह 2007 की वर्ल्ड हेल्थ असेंबली के दौरान डब्ल्यूएचओ मेंबर...

Signs of Anxiety: क्या है एंग्जाइटी के लक्षण और उपाय, जानें यहां

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Signs of Anxiety: क्या है एंग्जाइटी के लक्षण और उपाय, जानें यहां https://ift.tt/OBJDbI0 Signs of Anxiety: आजकल एंग्जायटी अटैक होना एक आम बात हो गयी हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है की एंग्जायटी समय के साथ धीरे-धीरे नजर आती है और एक लंबे समय तक चल सकती है। एंग्जायटी अटैक के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं। इनमें बेचैनी, चिड़चिड़ापन, मसल टेंशन, नींद की कमी, अत्यधिक चिंता, डर, पसीना, कांपना, सांस की तकलीफ आदि शामिल हो सकते हैं। हर कोई अलग तरह से एंग्जायटी को अनुभव करता है, और जो उपचार एक व्यक्ति के लिए काम करता है वह दूसरे के लिए काम नहीं कर सकता है। यदि आप काफी समय से एंग्जायटी से जूझ रहे हैं, तो किसी मेन्टल हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लें। हालांकि पॉजिटिव सोच, एक्सरसाइज, योग, ब्रीथिंग एक्सरसाइज और कुछ हेल्दी फूड्स का सहारा लेकर एंग्जायटी से आराम पाया जा सकता है। इसके अलावा किसी मेन्टल हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लेना मदद कर सकता है। एंग्जाइटी के लक्षण और उपाय : Overthinking / worrying : एंग्जायटी अटैक होने के साथ ओवरथिंकिंग एक आम लक्षण है। ऐसे में आप ऐसी बातें सोचते है जिनका कोई प्रमाण नहीं है...

एंग्जायटी महसूस हो रही है? ये 6 फूड्स एंग्जायटी को कम करने में मदद कर सकते हैं

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एंग्जायटी महसूस हो रही है? ये 6 फूड्स एंग्जायटी को कम करने में मदद कर सकते हैं https://ift.tt/qzdn7Ni Food to fight anxiety: जिंदगी की दौड़-भाग में कब एंग्जायटी और स्ट्रेस हमारे जीवन का हिस्सा बन जाता हैं पता ही नहीं चलता। आजकल एंग्जायटी अटैक होना एक आम बात हो गयी हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है की एंग्जायटी आमतौर पर एक होने वाले स्ट्रेस या खतरे की प्रतिक्रिया हैं। यह समय के साथ धीरे-धीरे नजर आती है और एक लंबे समय तक चल सकती है। एंग्जायटी अटैक के लक्षण कम या ज़्यादा दोनों हो सकते है। एंग्जायटी अटैक के लक्षण लगातार टेंशन और डाउट की वजह से और समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं। ये लक्षण कम से लेकर गंभीर हो सकते हैं और इसमें बेचैनी, चिड़चिड़ापन, मसल टेंशन, नींद की कमी, अत्यधिक चिंता, डर, पसीना, कांपना, सांस की तकलीफ आदि शामिल हो सकते हैं। कुछ ऐसे फूड्स है जो एंग्जायटी कम करने में मदद कर सकते हैं। Tofu: हेल्थ कॉन्शियस लोगों के लिए यह प्रोटीन का एक पॉपुलर ऑप्शन है। ये सोयाबीन से बना होता है।टोफू प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है और इसमें ट्रिप्टोफैन होता है, जो मूड को नियंत्रित करने में और एं...

गर्मियों में कैसे रहे पानी में सुरक्षित, जानें वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए टिप्स

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गर्मियों में कैसे रहे पानी में सुरक्षित, जानें वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए टिप्स https://ift.tt/bOQYpGW Stay Safe in Water Sport: गर्मी का मौसम पानी और उससे जुड़े एडवेंचर के लिए वरदान है। लेकिन यह याद रखना भी आवश्यक है कि वाटर एक्टिविटीज के साथ अक्सर रिस्क जुड़ा होता है। यदि सही तरीके से इन एक्टिविटीज को नहीं किया जाए या इनसे जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जाए तो लाइफ को खतरा हो सकता है। कई बार एक्सपेरिएंस्ड स्विमर्स रूल्स को इग्नोर कर देते हैं या लाइफ जैकेट नहीं पहनते। ऐसे में वे भी पानी के अंदर खुद को नहीं संभाल पाते और उन्हें भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। गर्मियों के मौसम में डिहाइड्रेशन जैसी प्रोब्लेम्स भी हो सकती है, खासकर वाटर एडवेंचर के दौरान। आप जब पानी में होते हैं, तो डिहाइड्रेशन की संभावना बढ़ सकती है। जिससे सिरदर्द, चक्कर आना और यहां तक कि हीट स्ट्रोक भी हो सकता है। ऐसे में खुद की हाइड्रेटेड रखें, खूब पानी पिएं, अपने साथ वाटर बोतल रखें। इसके अलावा कैप /हैट, सन ग्लासेज और सनस्क्रीन साथ रखना सुनिश्चित करें। वाटर एडवेंचर से जुड़े कुछ खास सुझाव हमने यहां दिए हैं। Li...

जानें क्या है विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस 2023 की डेट, थीम, महत्व और कैसे बच्चों में डालें बुक्स पढ़ने की आदत

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जानें क्या है विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस 2023 की डेट, थीम, महत्व और कैसे बच्चों में डालें बुक्स पढ़ने की आदत https://ift.tt/ZQx7f5l World Book & Copyright Day 2023: किताबें पढ़ना जितना बड़ों के लिए जरूरी है उतना ही बच्चों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह एक आदत उनकी ग्रोथ पर कई तरह के पॉजिटिव असर डाल सकती है। किताबें पढ़ने से बच्चों को नए शब्द सिखने के अलावा नए विचार और लैंग्वेज पर अच्छी पकड़ हो सकती है। यही नहीं रेगुलर बुक्स पढ़ने से उनकी कन्वर्जेशन स्किल्स भी सुधर जाती है। एक्सपट्स का मानना है की किताबें पढ़ने से बच्चों को नए आइडियाज और कॉन्सेप्ट्स के बारे में पता चलता है। यही आगे चल कर उनमें क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सुलझाने की क्षमता को बढ़ावा देता है। बच्चों की इमेजिनेशन और क्रिएटिव को पंख देने के लिए बुक्स बहुत जरूरी है। जो बच्चे नियमित रूप से बुक्स पढ़ते हैं वे स्कूल में भी बेहतर परफॉर्म करते हैं और उनमें कुछ नया सीखने के प्रति जिज्ञासा होती है। बच्चों के साथ किताबें पढ़ना, उनके साथ अपनी बिल्डिंग को स्ट्रांग करने का एक बहुत अच्छा तरीका है। हेल्थ की बात करें तो जो बच्चे सोन...

Earth Day 2023 : कैसे और कब मनाएं वर्ल्ड अर्थ डे, जानिए डेट, थीम और इस दिन का महत्व

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Earth Day 2023 : कैसे और कब मनाएं वर्ल्ड अर्थ डे, जानिए डेट, थीम और इस दिन का महत्व https://ift.tt/6VbTiOr Earth Day 2023 Theme : हर साल अप्रैल 22 को मनाया जाता है वर्ल्ड अर्थ डे। वर्ल्ड अर्थ डे के मौके पर कुछ छोटी- छोटी चीजें है जो आप अपने जीवन में अपना कर, हर दिन अर्थ डे मना सकते हैं। शुरुआत आज से करें। याद रखें वर्ल्ड अर्थ डे सिर्फ एक आदमी की सोच थी, जो अब पूरे वर्ल्ड की सोच बन गयी है। इस साल अर्थ डे का थीम 'इन्वेस्ट इन आवर प्लेनेट' है। इस मिशन का यह पूरा प्लेनेट हिस्सा बनेगा तभी बदलेगा यह प्लेनेट। इसे ग्रीन, आर्गेनिक करने के लिए हमें ज़्यादा बड़े नहीं बल्कि रोज छोटे-छोटे प्रयास करने हैं। शुरुआत अर्थ डे से ही करते हैं। पर्यावरण में हो रहे नुकसान के बारे में खुद जानें और दूसरों को बताएं, इसके अलावा प्लेनेट को ग्रीन करने के तरीके भी खुद सीखें और दूसरों को शिक्षित करें। अपने आस-पास के लोगों को बेहतर पर्यावरण के लिए छोटे-छोटे बदलाव लाने के लिए प्रोत्साहित करें। इसी तरह वर्ल्ड अर्थ डे के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाएं। End Plastic Pollution : प्लास्टिक हमारे पर्यावरण के...

एक्सपर्ट से जानिए गर्मी में ड्राई आईज व आई स्ट्रेन से बचने के लिए कैसे रखें आंखों को हाइड्रेटेड

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एक्सपर्ट से जानिए गर्मी में ड्राई आईज व आई स्ट्रेन से बचने के लिए कैसे रखें आंखों को हाइड्रेटेड https://ift.tt/M0VmRAv हमारी आंखें आमतौर पर आंसुओं की एक परत से ढकी होती हैं, जिसे 'टीयर फिल्म' कहा जाता है। यह टियर फिल्म आंखों को पर्यावरण के दूस प्रभाव से बचाने में मदद करती है और आंखों की सतह को चिकनाई देती है। इससे धूल, बैक्टीरिया और पोलन जैसी चीजों को धोने में मदद मिलती है। लेकिन गर्मियों में अक्सर हमारी आंखें ड्राई हो जाती है। ड्राई आईज तब होती हैं जब हमारे आंसूं हमारी आंखो को सही तरह से लुब्रिकेट यानी गीला नहीं करते हैं। ड्राई आईज होने के कारणों में सूरज की तेज रौशनी में बहार जाना या एयर कंडीशनर में ज़्यादा रहना और डिहाइड्रेशन शामिल है। नेशनल आई इंस्टीट्यूट (एनईआई) के अनुसार, ड्राई आईज होना आम बात हैं। यह हमारी आंखों में जलन पैदा कर सकती हैं और इससे आंखें सूखी व खुरदरी भी महसूस हो सकती हैं। ऐसा लगता है की आंखों में कंकर या रेत हो। यहां डॉ. नवनीत बोहरा, फेकोरफ्रैक्टिव सर्जन, अनंत इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज राजसमंद राजस्थान नेड्राई आईज होने के कुछ अहम् कारण शेयर किये हैं...