एक्सपर्ट से जानिए गर्मी में ड्राई आईज व आई स्ट्रेन से बचने के लिए कैसे रखें आंखों को हाइड्रेटेड
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हमारी आंखें आमतौर पर आंसुओं की एक परत से ढकी होती हैं, जिसे 'टीयर फिल्म' कहा जाता है। यह टियर फिल्म आंखों को पर्यावरण के दूस प्रभाव से बचाने में मदद करती है और आंखों की सतह को चिकनाई देती है। इससे धूल, बैक्टीरिया और पोलन जैसी चीजों को धोने में मदद मिलती है। लेकिन गर्मियों में अक्सर हमारी आंखें ड्राई हो जाती है। ड्राई आईज तब होती हैं जब हमारे आंसूं हमारी आंखो को सही तरह से लुब्रिकेट यानी गीला नहीं करते हैं। ड्राई आईज होने के कारणों में सूरज की तेज रौशनी में बहार जाना या एयर कंडीशनर में ज़्यादा रहना और डिहाइड्रेशन शामिल है। नेशनल आई इंस्टीट्यूट (एनईआई) के अनुसार, ड्राई आईज होना आम बात हैं। यह हमारी आंखों में जलन पैदा कर सकती हैं और इससे आंखें सूखी व खुरदरी भी महसूस हो सकती हैं। ऐसा लगता है की आंखों में कंकर या रेत हो। यहां डॉ. नवनीत बोहरा, फेकोरफ्रैक्टिव सर्जन, अनंत इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज राजसमंद राजस्थान नेड्राई आईज होने के कुछ अहम् कारण शेयर किये हैं। साथ ही उन कारणों से बचने के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं।
Understanding the Hidden Factors That Contribute to Dry Eyes
Computer Vision Syndrome (CVS): हम अक्सर मोबाइल फ़ोन, कंप्यूटर या टेलीविजन के सामने ज़्यादा समय बिताते हैं। इससे हमें कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (सीवीएस) होने का खतरा बढ़ सकता है। कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (सीवीएस) तब होता है जब हम कंप्यूटर, टैबलेट या फोन स्क्रीन को देखने में काफी समय व्यतीत करते हैं। सीवीएस से हमें ड्राई आईज के अलावा आंखों में खिंचाव, सिरदर्द, धुंधला विजन और गर्दन व कंधे में दर्द महसूस हो सकता हैं।
Sun Rays: सूर्य की किरणें हमारे आंसुओं को अधिक तेज़ी से सूखा देती है। ऐसे में यदि हमारी आंखें जल्दी से वापस आंसू नहीं पैदा कर सकती हैं, तो वे सूख जाती हैं।
Strong Winds: तेज हवा में बहार जाना भी आंखों के लिए उतना ही रिस्की है जितना तेज घूप में जाना। जब हवा तेज चलती है तो वो हमारी आंखों की नमी चीन लेती है। इसलिए घूप हो या तेज हवा घर से बहार निकलते वक़्त अपने सुन ग्लासेज लेजाना न भूलें। ऐसा करने से आपकी आईज ड्राई नहीं होंगी।
Smoke/Water: स्विमिंग पूल से क्लोरीन या कैम्प फ़ायर से निकलने वाला धुंआ दोनों ही आँखों में जलन पैदा कर सकते हैं या आंखों को ड्राई कर सकते हैं।
Dust Allergy: हवा में पोलें और धूल जैसी चीजें हमारी आंखों में जलन व इर्रिटेशन पैदा कर सकती हैं, जिससे वे ड्राई हो सकती हैं। इसके अलावा एलर्जी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ दवाएं, जैसे एंटीहिस्टामाइन, साइड इफेक्ट के रूप में हमारी आईज ड्राई कर सकती हैं।
Air Conditioner: एयर कंडीशनर हमारे कमरों की नमी को कम कर सकते हैं, जिससे आँखें ड्राई हो जाती हैं। इसके अलावा यदि हवा सीधे हमारे चेहरे पर आती है, जैसे कि कुछ कार के एयर कंडीशनर में होता है , तो पलक झपकने से पहले आंसूं उड़ जाने की संभावना होती है। इसी के साथ ही अगर हम टेम्परेचर में परिवर्तन लाते है, जैसे एयर कंडीशनर से बिना एयर कंडीशनर के कमरों के बीच घूमते है तो आँखे अवश्य ड्राई होंगी।
Expert-Approved Tips on How to Prevent Dry Eyes
1. घर के अंदर ह्यूमिडिफायर का उपयोग करना चाहिए इससे एयर ड्राई नहीं होगी।
2. हवा में मौजूद पोलन और धूल मिट्टी को हटाने के लिए HEPA फिल्टर का उपयोग करना चाहिए।
3. स्मोकिंग छोड़ें।
5. हर रात 7-8 घंटे की नींद लें इससे आंखों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।
6. जो लोग कॉन्टेक्ट लेंस पहनते हैं उन्हें ड्राई आईज का विशेष ख़याल रखना चाहिए।
7. अपनी आँखों को सूरज की किरणों से, पोलन से, धूल से और एलर्जी से बचाने के लिए बाहर जाने पर रैपराउंड धूप का चश्मा पहनें4. हाइड्रेटेड रहे। समय समय पर पानी पीएं
8. ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में लें।9. ऑय स्पेशलिस्ट की सलाह से आर्टिफीसियल टीयर का उपयोग कर सकते हैं।
10. रहूमटॉइड आर्थराइटिस पेशेंट्स और इम्युनोलॉजिकल डिसऑर्डर्स से पीड़ित पेशेंट्स को सीवियर ड्राई आईज होने की संभावना रहती है। ऐसे में उन्हें स्पेशल केयर की जरूरत होती है।
11.आंखों को आराम देने के लिए स्क्रीन टाइम को सीमित करें। साथ ही स्क्रीन यूज करते वक़्त उसकी ब्राइटनेस कम रखें।
April 21, 2023 at 01:09PM
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