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Showing posts from June, 2020

डॉ. बिधान चंद्र रॉय से जुड़े 4 किस्से : जब गांधी ने कहा, तुम 40 करोड़ देशवासियों का फ्री इलाज नहीं करते हो तो बिधान चंद्र बोले, मैं 40 करोड़ लोगों के प्रतिनिधि का इलाज मुफ्त कर रहा हूं

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डॉ. बिधान चंद्र रॉय से जुड़े 4 किस्से : जब गांधी ने कहा, तुम 40 करोड़ देशवासियों का फ्री इलाज नहीं करते हो तो बिधान चंद्र बोले, मैं 40 करोड़ लोगों के प्रतिनिधि का इलाज मुफ्त कर रहा हूं https://ift.tt/3ifjy0B दुनियाभर के मरीजों को बचाने में कोरोनावॉरियर यानी डॉक्टर्स जुटे हैं। संक्रमण के बीच वो मरीजों का इलाज भी कर रहे हैं और खुद को बचाने की जद्दोजहद में भी लगे हैं। आज नेशनल डॉक्टर्स डे है, जो देश के प्रसिद्ध चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. बिधानचंद्र रॉय के सम्मान में मनाया जाता है। केंद्र सरकार ने देश में डॉक्टर्स डे मनाने की शुरुआत 1 जुलाई 1991 में की। 1 जुलाई उनका जन्मदिवस है। जानिए उनकी लाइफ से जुड़े 5 दिलचस्प किस्से... डॉ. बिधान चंद्र रॉय बापू के पर्सनल डॉक्टर भी थे और एक दोस्त भी। किस्सा 1 : जब बापू ने बिधान चंद्र से कहा, तुम मुझसे थर्ड क्लास वकील की तरह बहस कर रहे हो 1905 में जब बंगाल का विभाजन हो रहा था जब बिधान चंद्र रॉय कलकत्ता यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन में हिस्सा लेने की जगह अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी। पढ़ाई पूर...

हर दिन मरीजों को बचाने का हौंसला जुटाती हैं, लेकिन घर आकर अपनों का दर्द नहीं बांट पातीं

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हर दिन मरीजों को बचाने का हौंसला जुटाती हैं, लेकिन घर आकर अपनों का दर्द नहीं बांट पातीं https://ift.tt/3ijTWQr आज भारत में डॉक्टर्स डे मनाया जा रहा है। स्वतंत्रता सेनानी और बंगाल के सीएम रहे भारत रत्न डॉ. बिधानचंद्र रॉय की याद में मनाया जाने वाला यह दिन इस बार विशेष भी है। आज का दिन दिन-रात जुटे उन डॉक्टर्स को सलाम करने का है जिनके लिए कोरोनावायरस को हराना ही एकमात्र लक्ष्य है। दुनिया के हर देश में पहुंचे कोरोना से लड़ने के लिए इन फ्रंटलाइन डॉक्टर्स की हजारों कहानियां है। त्याग, समर्पण और संघर्ष की इन कहानियों में ही जिंदगी की उम्मीदे जगमगा रही हैं क्योंकि इस 2020 के डॉक्टर्स डे पर ऐसा लगता है कि हमारा हर दिन डॉक्टर्स की मेहरबानी पर है। आज इस दिन के मौके परफोटो में देखते हैं फिलीपींस के दो डॉक्टर की कहानी जो बताती है कि हालात कितने मुश्किल हैं और डॉक्टर कितनी हिम्मत के साथ डटे हैं। ( सभी फोटो रायटर्सएजेंसी के सौजन्य से) सबसे पहले फिलीपींस के मनीला में काम कर रही डॉ जेन क्लेरी डोराडो की कहानी। यहां की राजधानी मनीला के ईस्ट एवेन्यू मेडिकल सेंटर हॉस्पिटल में कोविड-19 के इमरजेंसी...

अब फेफड़े ही नहीं शरीर के हर अंग पर नजर रखने की जरूरत, ब्रेन से लिवर तक कोरोना पहुंचा; रेमेडेसिवीर,  डेक्सामेथासोन ड्रग लाइफ सेवर साबित हुईँ

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अब फेफड़े ही नहीं शरीर के हर अंग पर नजर रखने की जरूरत, ब्रेन से लिवर तक कोरोना पहुंचा; रेमेडेसिवीर,  डेक्सामेथासोन ड्रग लाइफ सेवर साबित हुईँ https://ift.tt/2NGrvy1 महामारी के छह महीने बीत चुके हैं लेकिन न तो वैक्सीन तैयार हो पाई है न ही मामले थमते नजर आ रहे हैं। दुनियाभर में कोरोना का आंकड़ा एक करोड़ पार कर चुका है। इन छह महीनों में डॉक्टर्स और अस्पतालों ने कोरोना पीड़ितों के इलाज के दौरान कई नई बातें सीखी और समझी हैं। कोविड-19 के मामले सर्दी, सूखी खांसी और सांस की तकलीफ के साथ शुरू हुए थे लेकिन अब इसके लक्षणों में भी बढ़ोतरी हुई है। ब्रेन स्ट्रोक, पेट में तकलीफ, शरीर में खून के थक्के समेत कई नए लक्षण नजर आ चुके हैं। आज नेशनल डॉक्टर्स डे है। इस मौके परजानिए कोरोना के जरिए विशेषज्ञों को मिली ऐसी पांच सीख जो इलाज में काम आईं... पहली सीख : कोविड के मरीजों में खून के थक्के जमने पर थिनिंग एजेंट देने से घटे कोरोना से जूझ रहे मरीजों में खून के थक्के जमने के मामले बेहद आम हो रहे हैं। जो ब्रेन स्ट्रोक की वजह बन सकते हैं। इसका असर दिमाग से लेकर पैर के अंगूठों तक हो रहा है। अमेरिका की ब्रॉउ...

चीनी वैज्ञानिकों ने सुअर में फ्लू के वायरस का वो स्ट्रेन खोजा जो इंसानों में पहुंचकर महामारी ला सकता है

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चीनी वैज्ञानिकों ने सुअर में फ्लू के वायरस का वो स्ट्रेन खोजा जो इंसानों में पहुंचकर महामारी ला सकता है https://ift.tt/3iera3n चीनी वैज्ञानिकों ने फ्लू के वायरस का वो स्ट्रेन खोजा है जो महामारी ला सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि फ्लू वायरस का एक ऐसास्ट्रेन हाल ही में सुअर में पाया गया है, जो इंसानों को संक्रमित कर सकता है। यह अपना रूप बदल (म्यूटेट) कर एक इंसान से दूसरे इंसान में पहुंचकर वैश्विक महामारी ला सकता है। सुअरों पर नजर रखने की जरूरत वायरस का नाम G4 EA H1N1 है। इस पर रिसर्च करने वाले शोधकर्ताओं का कहना है कि यह इमरजेंसी जैसी समस्या नहीं है लेकिन इसमें ऐसे कई लक्षण दिखे है जो बताते हैं कि यह इंसानों को संक्रमित कर सकता है, इसलिए इस पर लगातार नजर बनाए रखने की जरूरत है। प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस के मुताबिक, यह नया स्ट्रेन है इसलिए हो सकता है लोगों में इससे लड़ने की क्षमता कम हो या हो ही न। इसलिए इससे बचने के लिए सुअरों पर नजर रखना जरूरी है। यह फैला तो रोकना मुश्किल होगा कोरोना वायरस से पहले दुनिया में अंतिम बार फ्लू महामारी वर्ष 2009 में आई थी और उस समय इ...

देश में बनी कोरोना की पहली वैक्सीन, हैदराबाद की कम्पनी भारत बायोटेक ने तैयार की; इंसानों पर ट्रायल अगले माह से

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देश में बनी कोरोना की पहली वैक्सीन, हैदराबाद की कम्पनी भारत बायोटेक ने तैयार की; इंसानों पर ट्रायल अगले माह से https://ift.tt/3eLHZkg देशमें कोरोना की पहली वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ को हैदराबाद की फार्मा कम्पनी भारत बायोटेक तैयार किया है। इसे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे के साथ मिलकर बनाया गया है। ‘कोवैक्सीन’ का ट्रायल इंसानों पर करने के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की तरफ से अनुमति मिल गई है। प्री-क्लीनिकल ट्रायल सफल होने के बाद वैक्सीन को अप्रूवल मिला है। देश में इंसानों पर इसका का ट्रायल जुलाईसे शुरू होगा। हैदराबाद की जीनोम वैली में तैयार हुई वैक्सीन फार्मा कम्पनी भारत बायोटेक की ओर से जारी बयान के मुताबिक, वैक्सीन को हैदराबाद के जीनोम वैली के बीएसएल-3 (बायो-सेफ्टी लेवल 3) हाई कंटेनमेंट फैसिलिटी में विकसित किया गया है।ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पहले और दूसरे चरण का ह्यूमन ट्रायल शुरू करने की अनुमति दे दी है। वैक्सीन की घोषणा...

मौत का खतरा डॉक्टरों को कम, सिक्योरिटी गार्ड को ज्यादा, ब्रिटेन में 4700 मरीजों पर हुई रिसर्च का नतीजा

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मौत का खतरा डॉक्टरों को कम, सिक्योरिटी गार्ड को ज्यादा, ब्रिटेन में 4700 मरीजों पर हुई रिसर्च का नतीजा https://ift.tt/2YKCz3y कोरोना से मौत का खतरा डॉक्टरों से दोगुना फैक्ट्री के मजदूरों और सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे लोगों को है। यह आंकड़ा ब्रिटेन के विशेषज्ञों ने अलग-अलग क्षेत्र में काम कर रहे 4700 कोविड-19 के मरीजों के डेटाका एनालिसिस करने के बाद जारी किया हैं। रिपोर्ट में 9 मार्च से 25 मई के बीच 20 से 64 साल के कोरोना पीड़ितों को शामिल किया था। सिक्योरिटी गार्ड बनाम स्वास्थ्यकर्मी रिसर्च में सामने आया कि एक लाख लोगों पर 74 पुरुष सिक्योरिटी गार्ड और 73 फैक्ट्री वर्कर की कोरोना से मौत हुई। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों में यही आंकड़ा अलग रहा है। इनमें 1 लाख लोगों पर 30 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक, एम्बुलेंस स्टाफ में संक्रमण का खतरा 82.4 फीसदी रहा, जो सबसे ज्यादा था। विशेषज्ञों के मुताबिक, हमारा मकसद यह बताना नहीं है कि डॉक्टरी पेशे के मुकाबले ये नौकरियांखतरनाक हैं बल्कि, लोगों कोअलर्ट रखना है। गार्ड और मजदूर सबसे ज्यादा सम्पर्क में आए विशेषज्ञों के मुताब...

कोरोना के नए लक्षण ; नाक का बहना, उल्टी लगना और डायरिया, ये नजरअंदाज न करें और डायबिटीज के मरीज अलर्ट रहें

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कोरोना के नए लक्षण ; नाक का बहना, उल्टी लगना और डायरिया, ये नजरअंदाज न करें और डायबिटीज के मरीज अलर्ट रहें https://ift.tt/2VtucqU कोरोना की जो दहशत लोगों में है उसे कंट्रोल करने की जरूरत है क्योंकि ये डर ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ाने के साथ रातों की नींद उड़ा रहा है। इससे डरने की जगह समझने और संक्रमण से बचाव करने की जरूरत है, खासकर डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों को। यह कहना है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व सचिव डॉ. नरेंद्र सैनी का। जिन्होंने कोरोना से जुड़े कई सवालों के जवाब आकाशवाणी को दिए। जानिए कोरोना से जुड़े सवाल और एक्सपर्ट के जवाब... #1) अमेरिका की सबसे बड़ी संस्था सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल ने कोरोना के नए लक्षणों के बारे में बताया है, वो क्या हैं? यह एक नई बीमारी है। धीरे-धीरे हमें इसके बारे में पता चल रहा है। पांच महीनों में हमें नए-नए लक्षणों के बारे में पता चला है। अब जो नए लक्षण जो लोगों में पाए जा रहे हैं वो हैं, नाक का बहना, जी मचलाना-उल्टी लगना और डायरिया। ये नए लक्षण लोगों में पाए गए हैं। कुल मिलाकर कॉमन लक्षण बुखारी, खांसी, सांस में तकलीफ और थकान हैं। 70 फीसदी में यही ल...

WHO ने कहा- अल्कोहल युक्त सैनेटाइजर से हाथों में जलन होने तक की कोई रिपोर्ट नहीं मिली

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WHO ने कहा- अल्कोहल युक्त सैनेटाइजर से हाथों में जलन होने तक की कोई रिपोर्ट नहीं मिली https://ift.tt/2Zkzk1v क्या वायरल : जले हुए हाथ की एक वीभत्स फोटो। दावा किया जा रहा है कि हथेली का ये हाल सैनेटाइजर का अधिक उपयोग करने से हुआ है। कोविड-19 की वैक्सीन और इलाज खोजने को लेकर दुनिया भर में शोध चल रहे हैैं। लेकिन, जब तक वैजानिक इसमें सफल नहीं हो जाते साफ-सफाई और सोशल डिस्टेंसिंग ही इस महामारी से बचने का एकमात्र उपाय है। संक्रमण फैलने की शुरुआत से ही हाथों की सफाई पर खास ध्यान देने की हिदायत दी जा रही है। नतीजतन कोरोना काल मेंअल्कोहल बेस्ड हैंड सैनेटाइजर का उपयोग कई गुना बढ़ा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर ये दावा किया जा रहा है कि अल्कोहल के अधिक उपयोग से इंसान की चमड़ी का बुरा हाल हो सकता है। दावे के साथ झुलसी हुई हथेली की एक फोटो भी इंटरनेट पर वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर इस दावे से जुड़े मैसेज https://twitter.com/SnehaYogbharti/status/1276732457149059072 फैक्ट चेक पड़ताल फोटो को गूगल और यैंडेक्स पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर भी हमें इससे मिलती जुलती या यह फोटो इंटरनेट पर नही...

ब्रिटेन की महिला में दो कोख, दोनों में पल रहे दो-दो बच्चे, यूट्रस के दो छोटी-छोटी ट्यूब में बंटने पर बनती है ऐसी स्थिति

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ब्रिटेन की महिला में दो कोख, दोनों में पल रहे दो-दो बच्चे, यूट्रस के दो छोटी-छोटी ट्यूब में बंटने पर बनती है ऐसी स्थिति https://ift.tt/38efjxY ब्रिटेन की 12 सप्ताह की गर्भवती महिला के शरीर में दो गर्भाशय का पता चला है। दोनों गर्भाशय में दो-दो बच्चे हैं। 28 वर्षीय केली फेयरहर्स्ट को यह तब पता चला, जब वह सोनोग्राफी के लिए डॉक्टर के पास गई थी। डॉक्टरों के मुताबिक, 5 करोड़ में से 1 महिला के हर गर्भाशय में जुड़वा बच्चे होते हैं। ये ट्विन्स एक जैसे हो सकते हैं। महिला को दो बार प्रसव पीड़ा से भी गुजरना पड़ सकता है। केली की पहले से दो बेटियां हैं, एक की उम्र तीन और दूसरी चार साल की है। शायद विरासत में मिला जीन केली कहती हैं कि डॉक्टर्स का कहना है कि बच्चे की प्री-मैच्योर डिलीवरी हो सकती है। इससे पहले मेरी एक बेटी 8 हफ्ते और दूसरी की 6 हफ्ते पहले ही प्री-मैच्योर डिलीवरी हुई थी। अब हमारे परिवार में दो जुड़वा बच्चे होंगे। मेरे नाना भी ट्रिपलेट थे यानी उनके जीन जुड़ावा भाई-बहन थे। मैंने कभी नहीं सोचा था मेरे पास दो कोख होंगी। कब बनती हैं शरीर में दो कोख लंदन के सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल की स्त्र...

वुहान से वॉशिंगटन और न्यूयॉर्क से नई दिल्ली तक हर जुबां में डर समाया, सांसें आइसाेलेट - जिंदगी क्वारैंटाइन हुई

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वुहान से वॉशिंगटन और न्यूयॉर्क से नई दिल्ली तक हर जुबां में डर समाया, सांसें आइसाेलेट - जिंदगी क्वारैंटाइन हुई https://ift.tt/384xUfM दुनियाभर में कोरोना के लगभग 1 करोड़ मामले पार होने को हैं,यानी वायरस अपने उस रौद्र रूप में जिसे देखइंसानी जाति की सांसें सचमुच अटक रही हैं। चीन के वुहान से निकलीकोरोना महामारी जब यूरोप और अमेरिका पहुंची तो उसके साथ नई शब्दावली भी सामने आई। ये ऐसे शब्द थे जो वैज्ञानिक और प्रशासनिक जगत में तो प्रचलित थे, लेकिन पहली बार आम लोगों का वास्ता इनसे पड़ा और फिर लगातारऐसा पड़ा कि अब इनके बिना कोरोना की चर्चा ही अधूरी लगती है। ये दुनिया की तमाम भाषाओं के सबसे जरूरी शब्दबन गए हैं। कोरोनाकाल में चर्चित हुए 10 सबसे महत्वपूर्णशब्दों को आज भी समझने और उन पर लगातार अमल की जरूरत है, आज इन्हीं शब्दों में गुंथीकहानी, तस्वीरों की जुबानी... मित्रो! लक्ष्मण रेखा न लांघें : यह तस्वीर 24 मार्च की है, जब पीएम नरेंद्र मोदी ने पहली बार देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। रात के 8 बजे हमेशा की तरह मित्रो वाला संदेश लेकर आएपीएम ने इस बार देशवासियों से घर की लक्ष्मण न पा...

अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं का दावा- बच्चों में कोरोना से मौत का खतरा काफी कम, संक्रमण के बाद ज्यादातर बच्चों में हल्के लक्षण दिखते हैं

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अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं का दावा- बच्चों में कोरोना से मौत का खतरा काफी कम, संक्रमण के बाद ज्यादातर बच्चों में हल्के लक्षण दिखते हैं https://ift.tt/2BLxbDU बच्चों में कोरोना का संक्रमण होता है तो मौत का खतरा बेहद कम है। ज्यादातर बच्चों में संक्रमण के बाद हल्के लक्षण दिखते हैं। यह दावा ब्रिटेन, यूरोप, स्पेन और ऑस्ट्रिया के शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में किया है। शोधकर्ताओं ने 3 से 18 साल के 585 कोरोना पीड़ितों पर रिसर्च की। रिसर्च 82 अस्पतालों में 1 से 24 अप्रैल के बीच की गई, जब यूरोप में महामारी अपने चरम पर थी। रिसर्च में सामने आया कि 62 फीसदी मरीजों को ही हॉस्पिटल में भर्ती करने की नौबत आई। वहीं, मात्र 8 फीसदी को आईसीयू की जरूरत पड़ी। बच्चे मामूली तौर पर बीमार पड़ रहे हैं रिसर्च द लैंसेट चाइल्ड एंड एडोलेसेंट हेल्थ जर्नल में प्रकाशित हुई है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ता मार्क टेब्रूगेका कहना है कि हमारी रिसर्च कोविड-19 का बच्चों और किशोरों से कितना कनेक्शन है, यह बताती है। इनमें कोरोना से मौत का खबरा सबसे कम है।ज्यादातर बच्चे मामूली तौर पर बीमार पड़ते हैं। 50 फीसदी कोरेस्पिरेट...