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Showing posts from January, 2021

Nose Hair: शरीर के लिए वरदान हैं नाक के बाल, उखाड़ने से हो सकती है मौत

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Nose Hair: शरीर के लिए वरदान हैं नाक के बाल, उखाड़ने से हो सकती है मौत https://ift.tt/2XUP6Ac नई दिल्ली। इंसान के शरीर पर निकलने वाले बाल किसी ना किसी प्रकार से हमारी रक्षा करते है लेकिन फैशन के चलते हम इसे शरीर से निकाल देते है जिससे भले ही आपकी सुंदरता में निखार आ जाता है लेकिन ऐसा करने से कहीं ना कही हम अपने स्वास्थ के खराब करने का न्यौता खुद देने लगते है। जिस तरह से कई लोगों नाक के बाल (Nose Hair) को खराब लगने के चलते काट देते है। और यही आदत से आप अपनी जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं? इसकी वजह से आपकी मौत भी हो सकती है।आज जानिए नाक के बालों से जुड़ी खास बातें, जिनसे आप इनके महत्व (Nose Hair Benefits) को समझ सकेंगे। नाक के बाल करते है गंदगी को साफ नाक में बाल रहने से ये बाहरी प्रदूषण से हमारी रक्षा करते है। नाक के बाल (Nose Hair) शरीर की रक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा होते हैं क्योंकि सांस लेने पर आक्सीजन (Oxygen) और कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide) के साथ ही बैक्टीरिया (Bacteria), धूल और गंदगी भी शरीर में जाती है। जिससे बाल बाहरी गंदगी को छानने का काम करते है। सेहत के लिए बेह...

Toilet में बैठकर Phone चलाने से होती है जानलेवा बीमारी, बढ़ जाते हैं ये खतरे

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Toilet में बैठकर Phone चलाने से होती है जानलेवा बीमारी, बढ़ जाते हैं ये खतरे https://ift.tt/3sFRJUo नई दिल्ली।आज के समय में मोबाइल (Mobile) हर किसी की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। इसके बिना बच्चों से लेकर बड़ों तक की जिंदगी अधूरी लगती है मोबाइल के बिना एक पल दूर रहना मुश्किल रहता है। लोग इसका इस्तेमाल पूरे दिन से लेकर रात तक करते है। इतना ही नही टॉयलेट (Phone In Toilet) तक में भी इसका इस्तेमाल करना नही छोड़ते। लेकिन क्या आप जानते है कि टॉयलेट में मोबाइल लेकर जाना आपके शरीर के लिये कितना खतरनाक है। यदि नही तो आइए जानते है इससे होने वाली बीमारी के बारे में.. टॉयलेट में मोबाइल लेकर जाना है खतरनाक टॉयलेट में बैठकर मोबाइल (Phone In Toilet) में बातचीत करना या फिर चैट करना आपने लिए खतरनाक साभित हो सकता है। इतना ही नही इसका असर घर परिवार के लोगों पर भी पड़ सकता है। क्योकि मोबाइल की चपेट में आए बैक्टीरिया (Bacteria) आपके शरीर के साथ हर किसी को अपनी चपेट में ले सकता है। बवासीर की हो सकती है समस्या बैसे तो बवासीर की समस्या (Piles Problem) पाचन क्रिया के कमजोर होने पर होती है। लेकि...

पीरियड्स के दौरान पैड का इस्तेमाल करते समय रखें इन खास बातों का ध्यान,नही होगी कोई परेशानी

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पीरियड्स के दौरान पैड का इस्तेमाल करते समय रखें इन खास बातों का ध्यान,नही होगी कोई परेशानी https://ift.tt/2XF0VtX नई दिल्ली। महिलाओं को हर महीने आने वाले पीरियड्स कई तरह की परेशानी लेकर आते है इस दौरान महिलाओं को असहनीय पीड़ा से होकर गुजरना पड़ता है। पीरियड्स के दौरान महिलाओं को दर्द से ही नही, बल्कि पैड्स से होने वाली परशानियों से होकर भी गुजरना पड़ता है। इसलिए पैड्स को चुनते समय कई बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। पैड की बनावट से लेकर हाइजीन तक, हर एक चीज पर ध्यान देना महिलाओं के लिए बेहद जरूरी होता है। तो चलिए आपको बताते हैं कि महिलाओं को पैड्स का इस्तेमल करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। पैड्स का साइज ज्यादातर महिलाएं पैड तो खरीद लेती है लेकिन इसके साइज पर ध्यान नही देती जो आगे चलकर उनकी लिए एक बड़ी समस्या बन जाती है। गलत साइज का पैड इस्तेमाल करने से रैशेज की समस्या होने लगती है। और नैपकिन भी जल्द भर जाता है, इसकी जगह पर लंबे साइज के पैड का इस्तेमाल करना जरूरी होता है। अलग-अलग तरह के पैड्स पीरियड्स के समय सैनिटेशन मेथड का भी ध्यान रखना चाहिए। अक्सर देखा जाता है...

पुरुषों की ये बातें महिलाओं को करती हैं आकर्षित, स्टडी में दावा

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पुरुषों की ये बातें महिलाओं को करती हैं आकर्षित, स्टडी में दावा https://ift.tt/3nBYzGM नई दिल्ली। लड़के-लड़कियों की पसंद नापसंद उनके आचार व्यवहार पर निर्भर करती है। हर लड़की ऐसे पार्टनर को पसंद करती है जिनमें वो कुछ खास तरह की चीजें दिखाई देती है जो उन्हें अपना दिवाना बना ले जाती है। इस चीज को स्टडी और रिसर्च भी बताते हैं कि पुरुषों के गुण को देख महिलाएं होने लगती हैं आकर्षित ..जानें क्या है वो चीजें फ्लर्ट करने वाले पुरुष- अमेरिका में हुए शोध से यह बात सामने आई है कि ज्यादातर महिलाएं उऩ पुरुष में अपनी दिलचस्पी दिखाती हैं, जो ज्यादा तारीफ करते है। और ये बात सभी जानते है कि महिलाएं अपनी तारीफ सुनने पर ज्यादा खुश हो जाती हैं और उस पुरुष की बातों पर ज्यादा गौर करती हैं। ज्यादातर महिलाओं को फ्लर्ट करने वाले पुरुष भी अच्छे लगते है। खुद से मेल खाने वाले पुरुष- महिलाएं या पुरुष उनके प्रति जल्दी आकर्षित होते हैं जो उनके व्यक्तित्व से मेल खाते हों। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में हुई स्टडी से यह बात सामने आई है कि इन लोगों ने उन पुरुषों और महिलाओं के प्रति दिलचस्पी दिखाई जो उन्हीं की तर...

चाय-कॉफी से मिलने वाला कैफीन दिमाग को एक्टिव तो करता है लेकिन ब्लड प्रेशर भी बढ़ाता है, जानिए इसके फायदे-नुकसान

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चाय-कॉफी से मिलने वाला कैफीन दिमाग को एक्टिव तो करता है लेकिन ब्लड प्रेशर भी बढ़ाता है, जानिए इसके फायदे-नुकसान https://ift.tt/2XrEFUi ऑफिस में काम करते-करते थकान महसूस करते हैं। अचानक से ख्याल आता है और चाय या कॉफी पी लेते हैं। कुछ ही मिनट बाद खुद को फ्रेश महसूस करने लगते हैं, लेकिन कभी सोचा है ऐसा क्यों होता है। इसकी वजह है वो कैफीन जो आपकी चाय और कॉफी में पाया जाता है। दुनिया की 80 फीसदी आबादी चाय या कॉफी के जरिए कैफीन ले रही है। कैफीन क्या है और यह आपका दिमाग कैसे एक्टिव कर देता है, पढ़िए स्टोरी... क्या है कैफीन कैफीन चाय, कॉफी और कोको प्लांट में पाया जाने वाला स्टीमुलेंट है। इनके जरिए यह शरीर में पहुंचता है। इसका असर सीधे दिमाग के नर्वस सिस्टम पर पड़ता है। आप खुद को काफी रिलैक्स महसूस करने लगते हैं। कैफीन वाले पेय पदार्थों का चलन 18वीं शताब्दी में शुरू हो गया था, साल-दर-साल बढ़ा है। कैफीन काम कैसे करता है? जब भी हम चाय या कॉफी लेते हैं, इसमें मौजूद कैफीन ब्लड में मिलकर पूरे शरीर में फैल जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर दिमाग पर होता है। दिमाग से जुड़ा एक न्यूरोट्रांसमीटर है एडिनो...

शरीर को फिट रखने के लिए 4 मिनट की एक्सरसाइज भी काफी, जानिए 4, 7 और 10 मिनट में कौन से वर्कआउट करें

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शरीर को फिट रखने के लिए 4 मिनट की एक्सरसाइज भी काफी, जानिए 4, 7 और 10 मिनट में कौन से वर्कआउट करें https://ift.tt/39kRlC2 अगर आपके पास 5 से 10 मिनट का भी समय है तो आप जिम में घंटों पसीना बहाने के बराबर फायदा हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) की 10 मिनट एक्सरसाइज से पा सकते हैं। HIIT में तेज गति की छोटी-छोटी एक्सरसाइज से शरीर पर बड़ा असर डाला जाता है। जानिए, 4, 7 और 10 मिनट वाले वर्कआउट, जिन्हें आप घर पर आसानी से कर सकते हैं। 4 मिनट वर्कआउट यदि आप अपनी 90% क्षमता के साथ सप्ताह में तीन बार 10 सप्ताह तक यह एक्सरसाइज करते हैं तो ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल कर सकते हैं। 4 स्टेप में करें वर्कआउट 1. सबसे पहले हल्का वॉर्मअप करें। 2. अब 4 मिनट तक पूरी क्षमता के साथ दौड़ें, तैरें अथवा साइकिल चलाएं। यानी जो भी आपको पसंद हो, वह एक्सरसाइज एक्टिविटी करें। 3. अब रुकें, सांसों को कंट्रोल करें। इसे सप्ताह में तीन बार करें। 7 मिनट वर्कआउट इस एक्सरसाइज को बॉडी वेट, चेयर अथवा दीवार के सहारे किया जा सकता है। निश्चित तौर पर ये 7 मिनट बेहद थकाने वाले होंगे, लेकिन ये 7 मिनट आपको हाई इं...

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने बनाई मोटापा कंट्रोल करने वाली डिवाइस, यह भूख का अहसास होने से रोकती है

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अमेरिकी वैज्ञानिकों ने बनाई मोटापा कंट्रोल करने वाली डिवाइस, यह भूख का अहसास होने से रोकती है https://ift.tt/3i8sZPR अमेरिकी वैज्ञानिकों ने मोटापा कम करने वाली एक वायरलेस डिवाइस तैयार की है। यह डिवाइस मोटापे से जूझ रहे लोगों में पेट भरे होने का अहसास कराती है। 1 सेंटीमीटर आकार वाली इस डिवाइस को अमेरिका में टेक्सास की A&M यूनिवर्सिटी ने बनाया है। ऐसे काम करती यह डिवाइस इसे तैयार करने वाली टीम से जुड़े डॉ. सूंग पार्क कहते हैं, इस डिवाइस को इंप्लांट करने के लिए शरीर में छोटा सा चीरा लगाया जाता है। शरीर में पहुंचने के बाद इसे बाहर से रेडियो फ्रीक्वेंसी रिमोट के जरिए कंट्रोल किया जाता है। इस डिवाइस में लगी माइक्रोचिप और LED लाइट रिलीज करती है जो नर्व पर अपना ऐसा असर छोड़ती है कि पेट भरे होने का अहसास होता है। भूख अधिक नहीं लगती। इस तरह मोटापा कंट्रोल किया जाता है। किन लोगों को इस डिवाइस की जरूरत वैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसे लोग जो डाइटिंग और एक्सरसाइज के बाद भी वजन नहीं घटा पा रहे हैं। गैस्ट्रिक बायपास सर्जरी की नौबत आ रही है। उनके पेट में इस डिवाइस को इंप्लांट कर सकते हैं। जो डा...

नॉनवेज से बेहतर है सब्जियों से मिलने वाला प्रोटीन, यह मौत का खतरा 24% तक घटाता है; जानिए प्रोटीन की कमी कैसे करें पूरी

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नॉनवेज से बेहतर है सब्जियों से मिलने वाला प्रोटीन, यह मौत का खतरा 24% तक घटाता है; जानिए प्रोटीन की कमी कैसे करें पूरी https://ift.tt/3s6MpZX अगर आप प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए नॉन-वेज खाते हैं तो अलर्ट होने की जरूरत है। नई रिसर्च कहती है, नॉनवेज की जगह सब्जियों से प्रोटीन (प्लांट प्रोटीन) की कमी को पूरा करते हैं तो मौत का खतरा 24 फीसदी तक कम हो जाता है। इसे समझने के लिए 50 वर्ष से अधिक उम्र के 4 लाख लोगों पर 16 साल तक अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर 1,000 कैलोरी में प्लांट प्रोटीन की मात्रा 10 ग्राम है तो मृत्यु का खतरा 12% तक कम होता है। प्लांट प्रोटीन की मात्रा डाइट में बढ़ाकर इसके फायदों को बढ़ाया जा सकता है। रिसर्च करने वाले अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के वैज्ञानिकों का कहना है, मांसपेशियों की मजबूती और ताकत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है। प्रोटीन का सोर्स यह बताता है कि इंसान की उम्र कितनी अधिक होगी। ऐसे इंसान जो प्रोटीन की कमी सब्जियों से पूरी करते हैं उनमें मृत्यु का खतरा 13 से 24% तक कम होता है। रोजाना कितना प्रोटीन जरूरी स्वास्थ्य और पोषण के क्ष...

1 मिनट में चढ़ जाते हैं 60 सीढ़ियां तो आपका दिल दुरुस्त है, जानिए हेल्दी हार्ट के लिए किस उम्र में कौन सी एक्सरसाइज करें

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1 मिनट में चढ़ जाते हैं 60 सीढ़ियां तो आपका दिल दुरुस्त है, जानिए हेल्दी हार्ट के लिए किस उम्र में कौन सी एक्सरसाइज करें https://ift.tt/2XsW0Ms सीढ़ियां चढ़कर दिल की सेहत का पता लगाया जा सकता है। स्पेन के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. जीसस पेटैरिओ ने दिल की सेहत जानने का सबसे आसान तरीका बताया है। डॉ. जीसस के मुताबिक, अगर कोई इंसान एक मिनट में 15-15 सीढ़ियों के चार सेट (कुल 60 सीढ़ियां) पूरा करता है तो इसका मतलब है कि उसका दिल सही काम कर रहा है। 165 युवाओं पर किया गया अध्ययन 165 युवाओं को ट्रेडमिल पर दौड़ाकर और सीढ़ियां चढ़ाकर उनका मेटाबॉलिक इक्वीवैलेंट्स (एमईटी) मापे गए। ऐसे युवा जो 40 से 45 सेकंड में सीढ़ियां चढ़ गए उनका एमईटी 9 से 10 या उससे अधिक था। कई रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि एक्सरसाइज टेस्ट के दौरान जिन लोगों का एमईटी 10 रहता है उनमें मृत्युदर अन्य की तुलना में प्रतिवर्ष 1 प्रतिशत कम रही। हेल्दी हार्ट के लिए किस उम्र में कब कौन सी एक्सरसाइज करें 20 की उम्र तक : दौड़ें, खेलें, एरोबिक्स करें इससे आपका हार्ट अधिक पंप करेगा इस उम्र में दौड़ने, साइकिल चलाने, खेल...

छह ब्रीदिंग एक्सरसाइज जिन्हें रोज करेंगे तो मोटापा और तनाव घटेगा; रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ेगी

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छह ब्रीदिंग एक्सरसाइज जिन्हें रोज करेंगे तो मोटापा और तनाव घटेगा; रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ेगी https://ift.tt/3q6umBA हम दिन में करीब 25 हजार बार सांस लेते हैं। लेकिन शरीर की इस प्रक्रिया को सुधारने के लिए कई लोग कभी कुछ नहीं करते। ब्रीद : द न्यू साइंस ऑफ ए लॉस्ट आर्ट के लेखक जेम्स नेस्टर कहते हैं- कोविड काल में अगर कुछ अच्छा हुआ है तो वह सांस से जुड़ा हुआ है। लोग अब सांस लेने के तरीकों, एक्सरसाइज पर बात कर रहे हैं। नेस्टर कहते हैं- जब तक आप सही तरीके से सांस नहीं लेना जानते...तब तक स्वाभाविक रूप से सेहतमंद नहीं हो सकते। रिसर्च कहती है अगर हम सांस लेने के तरीकों को सुधार लें तो मोटापे और तनाव जैसी बीमारियों में मदद मिल सकती है। इसी तरह शरीर की परफॉर्मेंस सुधार सकते हैं। कई ऐसी ब्रीदिंग एक्सरसाइज भी हैं जो तनाव और मोटापा घटाकर इम्युनिटी को बढ़ाती है। पेक्टोरल रोल 1. पेक्टोरल रोल दीवार की तरफ मुंह करके खड़े हो जाएं। कॉलर बोन के नीचे छाती के पास एक टेनिस अथवा मसाज बॉल रखें। अब दीवार की तरफ झुकते हुए धीरे-धीरे बॉल को आगे पीछे, दाएं-बाएं और कॉलर बोन के नीचे की तरफ कई बार रोल करें। ...

चिकन को 70 डिग्री पर पकाकर खाएं; कसाई घर और बीमार चिड़ियों के सम्पर्क में आए लोगों से दूरी बनाएं

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चिकन को 70 डिग्री पर पकाकर खाएं; कसाई घर और बीमार चिड़ियों के सम्पर्क में आए लोगों से दूरी बनाएं https://ift.tt/2MKxEMm देश के 6 राज्यों में बढ़ते बर्ड फ्लू के कहर के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एडवाइजरी जारी की है। WHO के मुताबिक, चिकन खा रहे हैं तो ध्यान रखें कि यह अच्छी तरह से पका हुआ होना चाहिए। चिकन को 70 डिग्री सेल्सियस पर पकाने से बर्ड फ्लू का वायरस खत्म हो जाता है। जानिए, बर्ड फ्लू से बचने के लिए WHO ने क्या हिदायत दी.... इनसे खुद को बचाएं WHO का कहना है, इसके केस कसाईघरों में काम करने वाले और बीमार मुर्गियों के संपर्क में आने वाले इंसान में ही मिलते हैं। इनसे खुद को बचाने की कोशिश करें। बर्ड फ्लू का वायरस (H5N1) गंभीर संक्रमण फैलाने के लिए जाना जाता है। यह पक्षियों में सांस से जुड़ी बीमारी की वजह बनता है। इसे एवियन इनफ्लुएंजा कहते हैं। क्या है बर्ड फ्लू वायरस? इसे एवियन इनफ्लुएंजा वायरस भी कहते हैं। बर्ड फ्लू के सबसे कॉमन वायरस का नाम H5N1 है। यह एक खतरनाक वायरस है जो चिड़ियों के साथ इंसान और दूसरे जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के म...

तेज हुई धरती की रफ्तार, अब धरती को एक चक्कर पूरा करने में 24 घंटे नहीं इससे भी कम समय लग रहा

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तेज हुई धरती की रफ्तार, अब धरती को एक चक्कर पूरा करने में 24 घंटे नहीं इससे भी कम समय लग रहा https://ift.tt/3opOQEU आपने स्कूलों में पढ़ा होगा कि धरती को अपनी धुरी पर एक चक्कर लगाने में 24 घंटे का समय लगता है, लेकिन नई रिपोर्ट चौंकाने वाली है। धरती अब थोड़ा तेज घूम रही है। अब इसे अपना चक्कर पूरा करने में 0.5 मिली सेकंड कम लग रहा है। डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 24 घंटे में 86,4600 सेकंड होते हैं। इतने समय तक धरती अपना एक चक्कर पूरा करती है। लेकिन पिछले साल जून से देखा गया है, इसमें 0.5 मिली सेकंड की कमी आई है। आज अर्थ रोटेशन डे है, जानिए यह दिन कब और क्यों शुरू हुआ... लियोन के पेंडुलम मॉडल ने साबित किया धरती घूमती है हर साल 8 जनवरी को अर्थ रोटेशन डे मनाया जाता है। इस दिन को सेलिब्रेट करने की वजह है, फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी लियोन फौकॉल्ट का योगदान। लियोन ने 1851 में अपने एक मॉडल से साबित किया कि धरती अपनी धुरी पर कैसे घूमती है। 8 जनवरी को इनका जन्मदिन होता है, इसलिए यह दिन अर्थ रोटेशन डे के लिए चुना गया। लियोन फौकॉल्ट के पेंडुलम मॉडल का स्केच। 470 ईसा पूर्व के करीब कुछ...

वायु प्रदूषण से भारत, बांग्लादेश और पाक में हर साल 3.50 लाख गर्भपात, ये दुनिया का सबसे प्रदूषित हिस्सा

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वायु प्रदूषण से भारत, बांग्लादेश और पाक में हर साल 3.50 लाख गर्भपात, ये दुनिया का सबसे प्रदूषित हिस्सा https://ift.tt/2MGnKex दुनिया के जिन इलाकों की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित है वहां गर्भावस्था में दिक्कतें, गर्भपात और मृत बच्चों के जन्म लेने के मामले ज्यादा है। लैंसेट हेल्थ जर्नल के एक नए अध्ययन के मुताबिक, वायु प्रदूषण का गर्भपात से सीधा संबंध है। रिपोर्ट कहती है, वायु प्रदूषण को रोकना जरूरी है। भारत समेत पड़ोसी देशों में सालाना 3.49 लाख गर्भपात रिसर्चरों ने पाया है कि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में अधिक वायु प्रदूषण के कारण सालाना 3.49 लाख गर्भपात हो रहे हैं। रिसर्च के मुताबिक, अगर भारत वायु प्रदूषण को कम कर लेता है तो हर साल गर्भपात के मामलों में 7 फीसदी की कमी आ सकती है। वायु प्रदूषण गर्भनाल भी डैमेज कर सकता है वायु प्रदूषण मां और बच्चे को जोड़ने वाली गर्भनाल को डैमेज करके भ्रूण तक नुकसान पहुंचाता है। रिसर्चर्स ने दावा किया है कि दक्षिण एशिया में प्रेगनेंसी पर प्रदूषण का असर बताने वाली यह अपनी तरह की पहली स्टडी है। दक्षिण एशिया में गर्भ को नुकसान होने के मामले दुनिया में...

देश में नाक से दी जाने वाली वैक्सीन की तैयारी, भारत बायोटेक नागपुर में करेगा पहले और दूसरे चरण का ट्रायल

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देश में नाक से दी जाने वाली वैक्सीन की तैयारी, भारत बायोटेक नागपुर में करेगा पहले और दूसरे चरण का ट्रायल https://ift.tt/38ksxea कोरोना से निपटने के लिए देश में जल्द ही नाक से दी जाने वाली नेजल वैक्सीन का ट्रायल शुरू होगा। इसे 'कोवैक्सीन' तैयार करने वाली हैदराबाद की कम्पनी भारत बायोटेक ने तैयार किया है। नेजल वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण का ट्रायल नागपुर में होगा। एक बार ही देना होगा डोज भारत बायोटेक के फाउंडर डॉ. कृष्णा एल्ला के मुताबिक, नेजल वैक्सीन को एक बार देना होगा। अब तक हुई रिसर्च में यह बेहतर विकल्प साबित हुई है। इसके लिए हमनें वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के साथ करार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैक्सीन के ट्रायल में करीब 45 वॉलंटियर्स का चुनाव किया जाएगा। क्यों खास है नेजल वैक्सीन? देश में अब तक भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' और सीरम इंस्टीट्यूट की 'कोविशील्ड' को इमरजेंसी में इस्तेमाल करने की अनुमति मिली है। कोरोना की वैक्सीन का डोज हाथ पर इंजेक्शन लगातार दिया जा रहा है, लेकिन नेजल वैक्सीन नाक में स्प्रे के जरिए दी जाएगी। वैज्ञानिकों का मानना है...

दुनिया का सबसे छोटा जिराफ, यह दूसरे जिराफ से 50% से भी ज्यादा छोटा; कद ने चलना-फिरना किया मुश्किल

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दुनिया का सबसे छोटा जिराफ, यह दूसरे जिराफ से 50% से भी ज्यादा छोटा; कद ने चलना-फिरना किया मुश्किल https://ift.tt/2Xwk2Xj अमूमन एक जिराफ की लम्बाई 18 फीट होती है, लेकिन अफ्रीका में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। युगांडा में वैज्ञानिकों ने दो ऐसे जिराफ खोजे हैं जो दुनियाभर में सबसे छोटे हैं। पहले न्यूबियन जिराफ की लम्बाई 9.4 फीट है। दूसरे, एंगोलेन जिराफ की लम्बाई 8.5 फीट है। दोनों को जिराफ कंजर्वेशन फाउंडेशन और स्मिथसोनियन कंजर्वेशन बायोलॉजी इंस्टीट्यूट ने मिलकर खोजा है। इनकी लम्बाई इतनी कम क्यों है, इसे समझने के लिए वैज्ञानिकों ने इनकी जांच की। जांच में सामने आया कि ये जिराफ बौनेपन से जूझ रहे हैं। वैज्ञानिक भाषा में इसे स्केलेटल डिस्प्लेसिया कहते हैं। बीमारी जिसने लम्बाई बढ़ने से रोका वैज्ञानिकों के मुताबिक, स्केलेटल डिस्प्लेसिया ऐसी बीमारी है, जिसमें हडि्डयों का विकास ठीक से नहीं हो पाता। उम्र बढ़ने के बावजूद ये छोटी रह जाती हैं। यह बीमारी इंसान और जानवर दोनों को हो सकती है। हालांकि, जानवरों में इसके मामले काफी कम पाए जाते हैं। जिराफ में स्केलेटल डिस्प्लेसिया होने का यह पहला...

देश में 60 से अधिक उम्र के 2 में से 1 इंसान को गंभीर बीमारी, 40% विकलांगता से परेशान; 20% मानसिक समस्या से जूझ रहे

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देश में 60 से अधिक उम्र के 2 में से 1 इंसान को गंभीर बीमारी, 40% विकलांगता से परेशान; 20% मानसिक समस्या से जूझ रहे https://ift.tt/3bfPnp2 देश में 60 साल से अधिक उम्र के दो में से एक इंसान गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। देश के 7.5 करोड़ बुजुर्ग में से 40% लोग किसी न किसी विकलांगता से जूझ रहे हैं। 20% मानसिक समस्या से परेशान हैं। 27% ऐसे भी हैं जो कई तरह की बीमारियों से लड़ रहे है। यह आंकड़ा हेल्थ मिनिस्ट्री के एक सर्वे में जारी किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन के मुताबिक, बुजुर्गों पर हुआ यह दुनिया का सबसे बड़ा सर्वे है। जिसकी पहली सर्वे रिपोर्ट जारी की गई है। सर्वे में देश के 45 साल से ऊपर के 72,250 लोगों शामिल किया गया है। 2050 में बुजुर्गों की आबादी बढ़कर 31.9 करोड़ हो जाएगी सर्वे के मुताबिक, साल 2011 की जनगणना में 60+ आबादी भारत की आबादी का 8.6% थी यानी 10.3 करोड़ लोग बुजुर्ग थे। साल 2050 तक भारत में 30 करोड़ से अधिक आबादी 60 साल से ऊपर की होगी। हर साल 3% की वृद्धि दर के साथ 2050 में वृद्धजनों की आबादी बढ़कर 31.9 करोड़ हो जाएगी। भारत में तेजी से बढ़ रही बुजुर्गो...