नॉनवेज से बेहतर है सब्जियों से मिलने वाला प्रोटीन, यह मौत का खतरा 24% तक घटाता है; जानिए प्रोटीन की कमी कैसे करें पूरी
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अगर आप प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए नॉन-वेज खाते हैं तो अलर्ट होने की जरूरत है। नई रिसर्च कहती है, नॉनवेज की जगह सब्जियों से प्रोटीन (प्लांट प्रोटीन) की कमी को पूरा करते हैं तो मौत का खतरा 24 फीसदी तक कम हो जाता है।
इसे समझने के लिए 50 वर्ष से अधिक उम्र के 4 लाख लोगों पर 16 साल तक अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर 1,000 कैलोरी में प्लांट प्रोटीन की मात्रा 10 ग्राम है तो मृत्यु का खतरा 12% तक कम होता है। प्लांट प्रोटीन की मात्रा डाइट में बढ़ाकर इसके फायदों को बढ़ाया जा सकता है।
रिसर्च करने वाले अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के वैज्ञानिकों का कहना है, मांसपेशियों की मजबूती और ताकत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है। प्रोटीन का सोर्स यह बताता है कि इंसान की उम्र कितनी अधिक होगी। ऐसे इंसान जो प्रोटीन की कमी सब्जियों से पूरी करते हैं उनमें मृत्यु का खतरा 13 से 24% तक कम होता है।

रोजाना कितना प्रोटीन जरूरी
स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में काम कर रहे डॉ. नंदन जोशी कहते हैं- शारीरिक रूप से सक्रिय न रहना और मानक से कम प्रोटीन शरीर में पहुंचने से युवाओं की मांसपेशियों को कमजोर हो रही हैं। 30 साल की उम्र में मांसपेशियां क्षतिग्रस्त होना शुरू होती हैं। हर 10 साल में 3-5% तक मांसपेशियां डैमेज होती हैं। रोजाना एक्सरसाइज और प्रोटीन इसे रिपेयर करने का काम करते हैं और एक्टिव रखते हैं। किसी भी इंसान को अपने वजन के मुताबिक प्रोटीन लेना चाहिए। जैसे आपका वजन 60 किलो है तो रोजाना 60 ग्राम प्रोटीन डाइट में लेना चाहिए।
प्रोटीन की कमी कैसे पूरी करें
डाइटीशियन और क्लीनिकल न्यूट्रीशनिस्ट डॉ. नीतिशा शर्मा बताती हैं कि शाकाहारियों के लिए दूध, फलियों की सब्जियां, मूंगफली, नट्स और दालें बेहतर विकल्प हैं। एक ही जगह पर दिनभर का ज्यादातर समय बिताना, शरीर सक्रिय न रखना और प्रोटीन का घटता स्तर मांसपेशियों को कमजोर कर रहा है। बचपन से लेकर बुढ़ापे तक, प्रोटीन जीवन के हर पड़ाव के लिए जरूरी है।

सालों से वैज्ञानिक, वेजिटेरियन डाइट को बढ़ावा देते आए हैं। उनके मुताबिक, सिर्फ प्रोटीन ही नहीं कई तरह के पोषक तत्वों की कमी शाकाहारी भोजन से पूरी की जा सकती है। जानिए शाकाहार क्यों बेहतर है....
4 वजह: वेजिटेरियन खाना क्यों बेहतर है
1. वायरल डिसीज का खतरा कम हो जाता है
2013 में आई यूनाइटेड नेशंस की संस्था फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट कहती है, दुनियाभर में 90% से ज्यादा मांस फैक्ट्री फार्म से आता है। इन फार्म्स में जानवरों को ठूंस-ठूंसकर रखा जाता है और यहां साफ-सफाई का भी ध्यान नहीं रखा जाता। इस वजह से वायरल डिसीज फैलने का खतरा बढ़ जाता है। हाल ही में गुजरात में फैली वायरल डिसीज कांगो फीवर में भी संक्रमित जानवरों से इंसान को खतरा बताया गया है।
2. दिल ज्यादा खुश रहता है और बीमार कम होता है
नॉनवेज के मुकाबले वेजिटेरियन डाइट आपको ज्यादा स्वस्थ रखती है, इस पर रिसर्च की मुहर भी लग चुकी है। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित रिसर्च कहती है, हृदय रोगों का खतरा घटाना है तो शाकाहारी खाना खाइए।
इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में 44,561 लोगों पर हुई रिसर्च हुई। इसमें सामने आया कि नॉन-वेजिटेरियन के मुकाबले जो लोग वेजिटेरियन डाइट ले रहे थे उनमें हृदय रोगों के कारण हॉस्पिटल में भर्ती करने की आशंका 32 फीसदी तक कम है। इनमें कोलेस्ट्रॉल का लेवल और ब्लड प्रेशर दोनों ही कम था।
3. फल-सब्जियों की मात्रा बढ़ाते हैं तो कैंसर का खतरा घटता है
अब तक सैकड़ों ऐसी रिसर्च सामने आ चुकी हैं जो कहती हैं, खाने में अगर फल और सब्जियों की मात्रा बढ़ाते हैं तो कैंसर का खतरा कम हो जाता है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च के मुताबिक, अगर डाइट से रेड मीट को हटा देते हैं तो कोलोन कैंसर होने का खतरा काफी हद तक घट जाता है।
4. डायबिटीज कंट्रोल करना है तो 50% तक फल-सब्जियां खाएं
वियतनाम के मेडिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. बिस्वरूप चौधरी कहते हैं, अगर ब्लड शुगर कंट्रोल करना चाहते हैं तो दिनभर की डाइट में 50 फीसदी से ज्यादा फल और सब्जियां लें। इसके बाद ही अनाज शामिल करें। नॉनवेज, अंडा, मछली, मक्खन और रिफाइंड फूड लेने से बचें। ऐसा करते हैं तो ब्लड शुगर काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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दैनिक भास्कर,,1733
January 09, 2021 at 08:38PM
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