कोरोना के नए लक्षण ; नाक का बहना, उल्टी लगना और डायरिया, ये नजरअंदाज न करें और डायबिटीज के मरीज अलर्ट रहें
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कोरोना की जो दहशत लोगों में है उसे कंट्रोल करने की जरूरत है क्योंकि ये डर ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ाने के साथ रातों की नींद उड़ा रहा है। इससे डरने की जगह समझने और संक्रमण से बचाव करने की जरूरत है, खासकर डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों को। यह कहना है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व सचिव डॉ. नरेंद्र सैनी का। जिन्होंने कोरोना से जुड़े कई सवालों के जवाब आकाशवाणी को दिए। जानिए कोरोना से जुड़े सवाल और एक्सपर्ट के जवाब...
#1) अमेरिका की सबसे बड़ी संस्था सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल ने कोरोना के नए लक्षणों के बारे में बताया है, वो क्या हैं?
यह एक नई बीमारी है। धीरे-धीरे हमें इसके बारे में पता चल रहा है। पांच महीनों में हमें नए-नए लक्षणों के बारे में पता चला है। अब जो नए लक्षण जो लोगों में पाए जा रहे हैं वो हैं, नाक का बहना, जी मचलाना-उल्टी लगना और डायरिया। ये नए लक्षण लोगों में पाए गए हैं। कुल मिलाकर कॉमन लक्षण बुखारी, खांसी, सांस में तकलीफ और थकान हैं। 70 फीसदी में यही लक्षण दिख रहे हैं। इसके बाद गले में इंफेक्शन, आंखों में कंजेक्टिवाइटिस, सिरदर्द, स्वाद और सुगंध का पता न चलना और स्किन पर रैशेज के लक्षण भी मिले हैं।
#2) डायबिटीज वाले मरीजों को क्या सावधानी बरतने की जरूरत है?
दुनिया में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मरीज भारत में हैं। अगर डायबिटीज के मरीज को कोरोना हो गया है तो उनके शरीर में संक्रमण गंभीर रूप से फैलता है। डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों को अपना शुगर लेवल कंट्रोल करके रखना है क्योंकि इन दिनों फिजिकल एक्टिविटी नहीं हो पा रही है। ऐसे मरीज जो 60 से अधिक के हैं उनको सबसे ज्यादा अलर्ट रहना है। दूसरों से करीब 3 फीट की दूरी बनाकर रखें। मास्क लगाएं और हैंड सैनेटाइज करें। घर का कोई इंसान बाहर से आता है तो डायबिटीज के मरीज उनसे सीधे सम्पर्क में आने से बचें।
#3) शरीर में जकड़न रहती है, हाथ-पैरों में दर्द होता है, कहीं ये कोरोना तो नहीं?
नहीं, अगर बुखार नहीं आया है, छींक नहीं आ रही है और सांस में दिक्कत नहीं है तब तक कोरोना के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है। अगर उम्र ज्यादा है तो आप अपना ब्लड प्रेशर और शुगर चेक कराएं। अगर कोई इलाज चल रहा है तो डॉक्टर को दिखाएं। घबराकर परेशान होने की जरूरत है नहीं।
#4) कोरोना को लेकर लोग दहशत में हैं, उनके लिए क्या कहंगे?
हाल ही में कोरोना के कुछ नए लक्षण सामने आए, उसकी वजह से लोगों को कुछ भी होता है तो सोचते हैं, कहीं कोरोना से संक्रमित तो नहीं हुए। इसे ऐसे समझें, दहशत से एंजाइटी और डिप्रेशन पैदा होता है। इससे शुगर और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। दहशत में आपको नींद नहीं आएगी तो आप स्वस्थ महसूस नहीं करेंगे। एक बात को समझने की जरूरत है कि अब तक जितने लोगों को कोरोना हुआ, उनमें से 60 फीसदी को तो दवा देने की जरूरत भी नहीं पड़ी और वो ठीक हो गए।
#5) सैनेटाइजर का प्रयोग कितना जरूरी है?
कोरोना वायरस से बचने के लिए पहले मास्क व सोशल डिस्टेसिंग और तीसरा बचाव हैंड हाइजीन यानी हाथों को साफ रखना है। हाथों की सफाई के लिए सैनेटाइजर जरूरी नहीं है। अगर पानी-साबुन से भी हाथ धोते हैं तो सबसे अच्छा है। पानी नहीं मिल रहा है तब सैनेटाइजर का इस्तेमाल करना है। इसका प्रयोग ऑप्शनल रखना है जैसे बाहर गए हैं या यात्रा कर रहे हैं तब।
#6) मास्क को लेकर अभी भी कई लोग उलझन में हैं, उनसे क्या कहेंगे?
अब सभी को पता है कि मास्क पहनना है और 80 फीसदी लोग मास्क पहन रहे हैं। लेकिन उनमें से ज्यादातर वे लोग इसलिए मास्क पहन रहे हैं क्योंकि सरकार ने कहा है। उनका मास्क नाक के नीचे रहता है। अगर नाक या मुंह खुला रहता है तो वायरस शरीर में पहुंचगा। ऐसे में इंसान को लगेगा कि मास्क लगाने के बाद भी संक्रमण कैसे हो गया। मास्क को सही तरीके से लगाना जरूरी है। अगर किसी ने गलत तरीके से मास्क लगाया है तो उसे टोकें भी। मास्क को रोज बदलें। कपड़े का है और धोकर पहनें।
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दैनिक भास्कर,,1733
June 29, 2020 at 05:29PM
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