सांस लेने में दिक्कत है तो 40 मिनट पेट के बल लेट जाएं, यह पोजिशन नेचुरल वेंटिलेटर का काम करती है; 80 % तक इसके नतीजे असरदार

सांस लेने में दिक्कत है तो 40 मिनट पेट के बल लेट जाएं, यह पोजिशन नेचुरल वेंटिलेटर का काम करती है; 80 % तक इसके नतीजे असरदार

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कोरोना संक्रमण के कारण ज्यादातर मरीजों को सांस लेने में दिक्कत है। आक्सीजन का लेवल गिरने पर अस्पतालों में वेंटिलेटर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे मरीजों के लिए प्रोन पोजिशन आक्सीजनेशन तकनीक 80 प्रतिशत तक कारगर है। हर चिकित्सा प्रणाली के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने प्रोन पोजिशन को अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों के लिए 'संजीवनी' बताया है।

सांस लेने में तकलीफ होने पर इस अवस्था में 40 मिनट लेटते हैं तो आक्सीजन का लेवल सुधरता है। पेट के बल लेटने से वेंटिलेशन परफ्यूजन इंडेक्स में सुधार आता है। डॉक्टरों ने कोविड के मरीजों को सलाह दी है कि सांस लेने में दिक्कत होने पर इस तकनीक को आजमा सकते हैं।

इस पोजीशन का इस्तेमाल एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस की हालत में किया जाता है, ताकि ऑक्सीजन सर्कुलेट की जा सके। ऐसी स्थिति में फेफड़ों के निचले हिस्से में पानी आ जाता है।

प्रोन पोजिशन बनाते हुए ये ध्यान रखें

  • गर्दन के नीचे एक तकिया, पेट-घुटनों के नीचे दो तकिए लगाते हैं और पंजों के नीचे एक। हर 6 से 8 घंटे में 40-45 मिनट ऐसा करने के लिए कहते हैं।
  • पेट के बल लिटाकर हाथों को कमर के पास पैरलल भी रख सकते हैं। इस अवस्था में फेफड़ों में खून का संचार अच्छा होने लगता है। फेफड़ों में मौजूद फ्लुइड इधर-उधर हो जाता है और यहां तक ऑक्सीजन पहुंचने लगती है।
  • प्रोन पोजिशन सुरक्षित है और खून में ऑक्सीजन का लेवल बिगड़ने पर कंट्रोल करने का काम करती है। यह डेथ रेट को भी घटाती है।
  • एक्सपर्ट के मुताबिक, आईसीयू में भर्ती मरीजों को प्रोन पोजिशन से बेहतर रिजल्ट मिलते हैं। वेंटिलेटर न मिलने पर यह सबसे अधिक कारगर तकनीक है। इससे 80 फीसदी तक नतीजे वेंटिलेटर जैसे ही मिलते हैं।

एक्सपर्ट पैनल : एसएमएस अस्पताल, जयपुर के अधीक्षक डॉ. राजेश शर्मा, मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. रमन शर्मा, पल्मोनरी मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. नरेंद्र खिप्पल, अस्थमा रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक डॉ. संजीव शर्मा और आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. राकेश पांडे।



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If there is difficulty in breathing, then lie down on your stomach for 40 minutes, this position acts as a natural ventilator called prone position for oxygenation


दैनिक भास्कर,,1733

September 28, 2020 at 08:30PM

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