बच्चों के खिलौनों, कार के इंटीरियर, सोफा में आग से बचाने के लिए जिन केमिकल का इस्तेमाल, उनसे कैंसर का बड़ा खतरा

बच्चों के खिलौनों, कार के इंटीरियर, सोफा में आग से बचाने के लिए जिन केमिकल का इस्तेमाल, उनसे कैंसर का बड़ा खतरा

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ड्यूक यूनिवर्सिटी की केमिस्ट डॉ. हीदर स्टेपल्टन अपने साथी से बेबी गियर में मिले ऐसे विषैले केमिकल पर चर्चा कर रही थीं, जो खिलौनों को आग से बचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते है। उनका एक साल का बेटा पास ही खेल रहा था। इसी बीच दोनों यह देखकर चौंक गए कि उनका बेटा जिस पॉलिएस्टर टनल से खेल रहा था, उस पर भी एक टैग लगा था। इस पर लिखा था कि कपड़ा ज्वलनशील मानकों के हिसाब से तैयार किया गया है। यानी टेंट के कपड़े में केमिकल फ्लेम रिटार्डेंट इस्तेमाल किया गया था।

यह केमिकल इंसान का डीएनए तक बदल सकता है

डॉ. स्टेपल्टन ने उस कपड़े को अपनी लैब में टेस्ट किया, तो वे यह जानकर चौंक गईं कि कपड़े में फ्लेम रिटार्डेंट के रूप में क्लोरीनेटेड ट्रिस केमिकल का इस्तेमाल हुआ था। इस केमिकल का इस्तेमाल पायजामा बनाने वाले निर्माता सालों पहले बंद कर चुके थे क्योंकि यह कैंसर का कारण हो सकता था और डीएनए तक बदलने की क्षमता रखता था।

क्या है फ्लेम रिटार्डेंट
दरअसल, फ्लेम रिटार्डेंट ऐसे केमिकल हैं, जिनका इस्तेमाल 70 के दशक में ज्वलनशील मानकों को पूरा करने के लिए शुरू किया था। हालांकि, अब नर्सिंग पिलो, बेबी प्रॉडक्ट, बच्चों की ट्रॉली, कार के इंटीरियर, घर के सोफा, काउच फर्नीचर, बेबी प्रॉडक्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन मैटेरियल, क्लॉदिंग में आग से बचाने के केमिकल के रूप में होता है। वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है कि फ्लेम रिटार्डेंट में क्लोरीन, ब्रोमीन या फास्फोरस का इस्तेमाल होता है और यह खतरनाक है।

अपना जीवन लोगों को जारुक करने में लगा दिया
अमेरिका में बच्चों के खिलौनों में फ्लेम रिटार्डेंट मिलाने से रोकने का कोई नियम नहीं है। शोधकर्ताओं ने कई बार फ्लेम रिटार्डेंट के गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों के मुद्दे उठाए, लेकिन सरकार ने इन पर प्रतिबंध नहीं लगाया। हालांकि सरकार की पहल का इंतजार किए बिना डॉ. स्टेपल्टन ने अपना करियर यह पता करने में लगा दिया है कि किन खिलौनों में खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है। कई केमिस्ट उनकी मदद कर रहे हैं। वे लोगों को जागरूक और कंपनियों को सुझाव दे रही हैं कि ऐसे केमिकल के इस्तेमाल से बचें।

हॉर्मोन असंतुलन से लेकर बच्चों का आईक्यू लेवल भी कम कर देता है
कई फ्लेम रिटार्डेंट पर रिसर्च में पता चला है कि इनसे सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचता है। ब्राेमीन फ्लेम रिटार्डेंट के कारण कैंसर हो सकता है। यह हॉर्मोंस को असंतुलित कर सकता है। रिप्रॉडक्टिव सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। यही नहीं, बच्चों में आईक्यू लेवल का कम होना, व्यवहारगत समस्या के साथ हाइपरएक्टिविटी, आक्रामकता और बुलीइंग जैसी समस्या भी हो सकती है।

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Chemical used to protect children's toys, car interior, sofa from fire, high risk of cancer


दैनिक भास्कर,,1733

November 27, 2020 at 12:28PM

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