अब घर बैठे दवाई मांगना और डॉक्टर से परामर्श लेना हुआ बेहद आसन

अब घर बैठे दवाई मांगना और डॉक्टर से परामर्श लेना हुआ बेहद आसन

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आज का दौर डिजिटाइजेशन का है, जिसमें अधिकतर काम ऑनलाइन, घर बैठे चंद मिनटों में आसानी से हो जाते हैं। चाहे भी फिर कपड़े खरीदना हो, किसी को बिल का भुगतान करना हो या किसी ट्रेन का टिकट करना हो। सभी काम आसानी से घर बैठे सिर्फ 1 क्लिक पर हो जाते हैं।

यहां तक की जिस चिकित्सा क्षेत्र में इसे असंभव माना जाता था, वहां भी डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श और दवाइयों का ऑनलाइन ऑर्डर बड़ी आसानी से होने लगा है। कोरोना महामारी के बाद से समाज ने ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं को धड़ल्ले से स्वीकार किया है।

हालांकि,ऑनलाइन सामान या दवाइयां लेने से आपके साथ कई बार फ्रॉड भी हो जाता है या आप जो सामान या दवा मंगवाते हैं उसकी जगह कोई और दवाइयां आप तक पहुँचती है। लेकिन भारत के अपने हेल्थकेयर नेटवर्क मेडकॉर्ड्स” ने कस्टमरों के विश्वास को कायम रखा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जनता के लिए यह सबसे भरोसेमंद साबित हो रहा है।

मेडकॉर्ड्स संस्था ने दो मोबाइल ऐप आम जनता और मेडिकल स्टोर्स के लिए शुरू किए हैं। "आयु ऐप" जो की आम जनता के उपयोग के लिए है और दूसरा "सेहत साथी ऐप" जो की मेडिकल स्टोर्स के लिए बनाया गया है। आयु ऐप की मदद से जनता को घर बैठे स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स से इलाज और नजदीकी भरोसेमंद मेडिकल से घर पर सबसे तेज दवाइयों की डिलीवरी मिल रही है और "सेहत साथी ऐप" से लोकल मेडिकल स्टोर्स की आजीविका बढ़ाने में मदद मिल रही है। यह दोनों ऐप एक दुसरे के पूरक है और इससे गांव ढाणियों में जहाँ पर अच्छे डॉक्टर्स और अच्छा इलाज आसानी से नहीं मिल पता वहां तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं घर बैठे पहुंचाई जा रही हैं। भारत के 30 लाख से अधिक परिवार आयु ऐप की सुविधा का लाभ ले रहे हैं और 10000 से ज्यादा लोकल मेडिकल स्टोर्स सेहत साथी ऐप से जुड़कर सुविधाएं दे रहे हैं।

ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों ने छीना छोटे व्यापारियों का हक -

जब से दवाई ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा बेची जाने लगी हैं तब से दवाइयों के लोकल दुकानदारों की बिक्री पर बहुत प्रभाव पड़ा है. खासकर कोरोना काल के चलते सभी लोकल दुकानदारों और मेडिकल स्टोर्स के धंधे में परेशानी आई है और उनको भारी नुकसान हुआ है। लोग ऑनलाइन दवाइयाँ खरीद रहे हैं क्योंकि ये घर बैठे आराम से मिल जाती है साथ ही ऑनलाइन भारी डिस्काउंट भी मिल जाता है. ऐसे में लोग बहार जाए बिना ही दवाइयां मांगना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. यही कारण है कि दवाई के छोटे दुकानदारों का बहुत नुकसान झेलना पड़ रहा है. लेकिन सेहत साथी ऐप इसके एक समाधान आया है जिसने ऑनलाइन फार्मेसी की परिभाषा ही बदल दी है.

आयु ऐप जनता के लिए, सेहत साथी ऐप मेडिकल स्टोर्स के लिए वरदान

परेशानी के वक़्त या जब घर पर कोई अचानक बीमार पड़ जाता है तब आपके नजदीकी मेडिकल ही आपकी मदद करते है। उसी तरह कोरोना की मुश्किल घड़ी में लोकल मेडिकल स्टोर्स को ऑनलाइन ला कर कई लोगों की मदद की जा सकती है. ऐसे में आम जनता की मदद के लिए "आयु ऐप"और सभी लोकल स्टोर्स की मदद के लिए तैयार किया गया है “सेहत साथी ऐप”, जानें क्या है ख़ास -

  • लोकल स्टोर्स से कनेक्ट- अब घर बैठे दवाइयां और जरूरी सामान मंगवाना बहुत आसान हो गया है क्योंकि आपके नजदीकी सभी मेडिकल स्टोर्स ऑनलाइन हो गए हैं। आयु ऐप से घर बैठे कोई भी अपने नजदीकी मेडिकल स्टोर से सिर्फ 1 क्लिक पर दवाइयाँ और अन्य जरूरी सामान मँगवा सकता है।

  • फ़ास्ट और भरोसेमंद डिलीवरी- लोकल (आपका नजदीकी) मेडिकल स्टोर चौबीसों घंटे आपकी सेवा में रहते हैं, चाहे दिन हो या रात। ग्राहक आयु ऐप से दवा और जरूरी सामान का आर्डर देते हैं जो मेडिकल स्टोर को उनके सेहत साथी ऐप में मिलता है। ऐसे में मेडिकल स्टोर्स अपने एरिया के सभी लोगों के ऑर्डर्स लेकर कुछ ही देर में घर पर डिलीवर कर रहे हैं।

  • सुरक्षित और आसन पेमेंट ऑप्शन- आयु ऐप न केवल घर बैठे लोकल स्टोर्स से दवाइयां मंगवाने के सुविधा देता है बल्कि इस ऐप के माध्यम से आप अपने नजदीकी मेडिकल स्टोर से मंगाई गई दवाइयों की पेमेंट, PayTM, PhonePe, GPay, UPI, या कैश ऑन डिलीवरी के माध्यम से आसानी से कर सकते हैं.

  • दवाइयों के साथ डॉक्टर्स की सुविधा भी- आयु ऐप से आपका नजदीकी मेडिकल स्टोर दवाइयाँ तो आपके घर पर पहुंचाता ही है, साथ में आप घर बैठे किसी भी सामान्य बीमारी के लिए जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज़ भी ले सकते हैं क्योंकि आयु ऐप पर भारत के 5000 से ज्यादा विशेषज्ञ डॉक्टर जुड़े हुए हैं। आप कहीं भी रहें, सिर्फ 1 क्लिक पर स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की सुविधा उपलब्ध है.

  • रोजगार हुआ आसन - यह संस्था, राजस्थान के सभी जिलों के केमिस्ट असोशिएशन साथ मिलकर हर मेडिकल स्टोर को सेहत साथी ऐप पर ऑनलाइन बना रहे हैं जिससे वो कस्टमर को उनके घर पर सही दवाइयाँ वो भी सही समय पर पहुंचाने की सुविधा दे पा रहे हैं और इससे मेडिकल स्टोर की रोज़ की कमाई में परेशानी भी नहीं आ रही है।

आयु ऐप में मिलेंगे ये फायदे भी-

  • सामान्य से 10 गुना कम खर्च में बेहतरीन डॉक्टरों से बीमारी का इलाज |

  • शहर या घर से दूर जाने का समय और खर्चा दोनों बचेगा |

  • घर बैठे ही सीधे स्पेशलिस्ट (विशेषज्ञ) डॉक्टरों से सही सलाह और फॉलो-अप लें |

  • सभी तरह की बीमारियों के लिए 5000+ एक्सपर्ट डॉक्टर उपलब्ध |

  • परामर्श के बाद Aayu App पर ही आपको डॉक्टर का पर्चा मिलेगा |

  • पूरे परिवार के सारे मेडिकल रिकॉर्ड्स एक ही जगह सुरक्षित करें और इलाज के वक़्त डॉक्टर को दिखाएं |

  • सेहत साथी लोकेटर की मदद से नज़दीकी "सेहत साथी - मेडिकल स्टोर्स" ढूंढें |

  • इंटरनेट न चलने पर भी डॉक्टर से हेल्पलाइन नंबर 781-681-1111 पर परामर्श लें

  • बीमारियों और उनके उपायों से जुड़ी जानकारी, लेख (Articles) और विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा "सेहत की बातें"- हेल्थ वीडियो (Health Videos) का भी इस ऐप में लाभ उठाये.

तो चाहे आप एक आम आदमी हो या किसी मेडिकल स्टोर के मालिक, अब सहूलियत के अपनी सहूलियत के हिसाब से इन स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।। इस कोरोना काल में सामजिक दूरी बनाये रखना एक जरुरी विकल्प हो गया है ऐसे में अगर घर बैठे ही बीमारी का इलाज़ हो जाये तो कोरोना से आसानी से बचा जा सकता है और साथ ही समय और पैसों की भी बचत की जा सकती है। ऐसे में हमारा आपको सुझाव है, अगर आपने अभी तक आयु ऐप डाउनलोड नहीं किया है तो कर लीजिए और घर बैठे ही अपना और अपने परिवार का ध्यान रखिए। अगर आपका मेडिकल स्टोर है तो अपने मेडिकल को तुरंत सेहत साथी ऐप पर रजिस्टर करके ऑनलाइन बनाएं और लोगों को सुविधा देने के साथ अपनी आजीविका बढ़ाएं।

दोनों ऐप की सुविधा पूरे भारत में उपलब्ध हैं।



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Now sitting at home seeking medicine and consulting a doctor is very easy


दैनिक भास्कर,,1733

November 27, 2020 at 12:54PM

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