सिर्फ कोविड-19 ही नहीं, दुनिया में 219 वायरस इंसानों के लिए खतरनाक, मार्बग और इबोला सबसे जानलेवा
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दुनिया में कोविड-19 से संक्रमित होने वालों की संख्या 7.61 करोड़ के पार पहुंच गई है। जबकि 16.84 लाख मरीजों की मौत हो चुकी है। हालांकि, कोरोना इकलौता वायरस नहीं है जो इंसानी शरीर के लिए जानलेवा साबित हुआ। दुनिया में कुल 3 लाख से ज्यादा वायरस हैं, जिनमें से 219 इंसानों के लिए खतरनाक हैं।
माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. विजय लता रस्तोगी ने दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में ऐसे ही कई जानलेवा वायरस के बारे में बताया। डॉ. विजय लता अजमेर स्थित जेएलएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बनी कोविड टेस्टिंग लैब की प्रमुख नोडल अधिकारी भी हैं।
Q. दुनिया में कितने वायरस हैं, इनमें से कितने खतरनाक हैं?
A. दुनियाभर में करीब 3.20 लाख वायरस हैं। नेट जियो के मुताबिक 17 लाख ऐसे वायरस हैं, जिन्हें अभी खोजा जाना बाकी है। करीब 219 से ज्यादा वायरस इंसानों के लिए खतरनाक हैं।
Q. अब तक का सबसे खतरनाक वायरस कौन सा है?
A. मार्बग (Marburg, 1967) एवं इबोला (1976) अब तक के सबसे खतरनाक वायरस रहे हैं। इनसे संक्रमित होने वाले 90% पीड़ितों की मृत्यु हुई है। रेबीज भी बेहद खतरनाक वायरस है।
Q. वायरस सर्वाधिक किन जगहों पर पाए जाते हैं?
A. कम तापमान, सूर्य की कम रोशनी वाली जगहों पर, ट्रॉपिकल रेन फॉरेस्ट में सर्वाधिक पाए जाते हैं। एशियन और अफ्रीकन शहरों में मांस के बाजार भी इनके लिए उपयुक्त स्थान है।
Q. क्या ऐसे वायरस हैं जिनसे संक्रमण के लक्षण नहीं दिखते?
A. हां, करीब 55% से 74% ऐसे वायरस इंफेक्शन हैं जिनसे संक्रमित होने पर कोई लक्षण नहीं पाए गए। जैसे - हर्पीज, कोविड और एड्स जैसे रोग एसिम्प्टोमैटिक लोगों से फैल सकते हैं।
Q. वायरस से सबसे ज्यादा खतरा किन लोगों को हो सकता है?
A. मोटापा एक ऐसी स्थिति है, जो वायरस संक्रमण का खतरा बढ़ा देती है। रिसर्च के अनुसार, कोविड 19 की वैक्सीन भी मोटे लोगों पर कम असरदार साबित हो सकती है। जिन्हें नाखून मुंह से काटने की आदत है, उन्हें भी खतरा ज्यादा रहता है।
Q. वायरस किस तरह फैलते जाते हैं?
A. वायरस जिस होस्ट शरीर में होते हैं, वहां से मल्टीप्लाय होते जाते हैं। इसे उदाहरण के तौर पर यूं समझिए : मान लीजिए, अगर आपको फ्लू होता है तो आपके श्वसन प्रणाली की हर कोशिका दस हजार नए वायरस पैदा कर देती है। कुछ ही दिनों में यह सैकड़ों ट्रिलियन की तादाद में आपके शरीर में होते हैं।
Q. क्या वायरस इंसानों को एक से अधिक बार संक्रमित कर सकते हैं?
A. हां, कर सकते हैं। कई बार बाहरी संक्रमण से या फिर आंतरिक रूप से सक्रिय होकर। यानी इम्यूनिटी कम होने पर शरीर की कोशिकाओं में सुप्त पड़ा वायरस दोबारा लक्षण या बीमारी पैदा कर सकता है। संक्रमण से रिकवरी और रीइंफेक्शन से बचने के लिए सेल मीडिएटेड इम्यूनिटी बहुत महत्वपूर्ण है।
Q. वायरस और बैक्टीरिया में क्या फर्क है?
A. वायरस बैक्टीरिया से छोटे होते हैं। सभी वायरस एक प्रोटीन आवरण में होते हैं। आरएनए या डीएनए जैसे जेनेटिक मटीरियल के साथ। वायरस बिना होस्ट शरीर के जीवित नहीं रह सकते। बैक्टीरिया कई तरह के वातावरण में जीवित रह सकते हैं। शरीर के अंदर भी और शरीर के ऊपर भी। वायरस से उलट सिर्फ कुछ बैक्टीरिया ही खतरनाक होते हैं।
Q. क्या कोई वायरस फायदेमंद भी हो सकता है?
A. HERV-K वायरस इंसानी भ्रूण को अन्य वायरस के संक्रमण से बचा सकता है। स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर जोआना विसोका के अनुसार, जब भ्रूण 8 सेल स्टेज में पहुंचता है तो यह कोशिकाओं को प्रोटींस की शील्ड बनाने में मदद करता है, इससे भ्रूण अन्य कई संक्रमण से बच जाता है।
Q. वायरस और बैक्टीरिया से फैलने वाले रोग कौन-कौन से हैं?
A. बैक्टीरिया : फूड पॉइजनिंग, टिटनेस, टीबी, बैक्टीरियल मैनिनजाइटिस, यूरिनरी इंफेक्शन, कॉलरा व अन्य रोग। वायरस : इंफ्लुएंजा, चिकनपॉक्स, मीजल्स, वार्ट्स, हैपिटाइटिस, जीका, कोविड, एचआईवी आदि।
इनपुट्स: नेशनल जियाेग्राफिक, हेल्थ लाइन, virology.ws से भी लिए गए हैं।
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दैनिक भास्कर,,1733
December 21, 2020 at 04:51PM
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