Ganesh Chaturthi 2021: इस गणेश उत्सव घर बनाएं ये स्वादिष्ट महाराष्ट्रीयन चतुर्थी व्यंजन, यहां है रेसिपी
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नई दिल्ली। Ganesh Chaturthi 2021: 10 सिंतबर यानी की आज गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) से 10 दिनों के लिए गणेश उत्सव शुरू हो गया है। देश भर में लोग अपने घरों में गणेश जी की प्रतिमा लाकर बप्पा का स्वागत कर रहे हैं। महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी के दिन अलग ही नजारा होता है। लोग बड़े पैमाने पर जोर शोर से उत्साह के साथ बप्पा के स्वागत की खुशियां मनाते हैं। पूरे गणेश उत्सव के दौरान महाराष्ट्र में लोग भगवान गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार के व्यंजन बनाकर भोग लगाते हैं। जिसमें गणेश जी के प्रिय मोदक के अलावा, अन्य मिठाइयां और नमकीन शामिल हैं।
ऐसे आज हम आपको महाराष्ट्रीयन चतुर्थी रेसपीज (Maharashtrian chaturthi recipes) के बारे में बता रहे हैं। जिससे अगर आप चाहें तो महाराष्ट्र के चतुर्थी व्यंजन अपने घर में बनाकर गणेश जी को भोग लगा सकते हैं।
केसरी श्रीखंड
महाराष्ट्र में केसरी श्रीखंड बहुत लोकप्रिय है, जिसे पारंपरिक रूप से गणेश उत्सव के दौरान प्रसाद के रूप में बनाया और परोसा जाता है। श्रीखंड बनाने के लिए आपको बस ग्रीक योगर्ट, चीनी, इलायची, चिरौंजी, केसर और चुटकी भर नमक आवश्यकता होती है। इसके अलावा इसमें फल और ड्राई फ्रूटस का भी डाल सकते हैं।
पूरन पोली
पूरन पोली महाराष्ट्र में मोदक के बाद गणेश उत्सव पर बनाई जाने वाली सबसे जरूरी और लोकप्रिय मिठाइयों में से एक है। पूरन पोली मीठी रोटी होती है, जो मैदे से बनाई जाती है। जिसमें इलायची पाउडर, चना दाल, गुड़ और ढेर सारा घी होता है। इससे गणेश जी का भोग लगाया जाता है और लोगों को बांटा जाता है। अगर आप चाहें तो पूरन पोली घर पर बनाकर गणेश जी को भोग लगा सकते हैं।
बेक्ड करंजी
बेक्ड करंजी को उत्तर भारत की आप गुझिया कह सकते हैं। लेकिन इसकी स्टफिंग महाराष्ट्र में नारियल, तिल, बादाम, काजू, किशमिश, इलायची, चीनी मिश्रण से होती है। इसके बाहर का हिस्सा मैदा, दूध, घी और नमक से बनता है। महाराष्ट्र में गणेश उत्सव पर भोग के लिए यह मिठाई जरूर बनाई जाती है।
काजू कोथिम्बीर वड़ी
महाराष्ट्र में स्वादिष्ट काजू कोथिम्बीर वड़ी हर घर में बनाई जाती है। हरे धनिये को मराठी में 'कोथिम्बीर' कहते है और 'वड़ी' को कहते हैं पकौड़े। इस तरह से धनिया के पकोड़ों को कोथिम्बीर वड़ी कहते हैं। ये कोथिम्बीर वड़ी चने के आटे से बनाए जाते हैं, जिसमें धनिया और मसालों को भाप में उबाल कर आटे में मिला दिया जाता है। इसके बाद इसमें काजू मिलाकर कुरकुरे काजू कोथिम्बीर वड़ी यानी की पकोड़े बनाए जाते हैं।
वरण भात
महाराष्ट्र में गणेश उत्सव के दौरान भोग में वरन भात जरूर बनाते हैं। दाल चावल को मराठी में वरण भात कहते हैं। भात यानी की चावल बनान तो सभी जानते हैं। वहीं, वरण को मूंग, मसूर और अरहल दाल, करी पत्ते, कसे हुए नारियल और जीरे से बनाया जाता है। जिससे बटाटा (आलू) भाजी, बीन्स भाजी, अन्य सब्जियों और व्यंजनों के साथ भगवान गणेश जी का भोग लगाते हैं।
September 10, 2021 at 12:21PM
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