World Inflammatory Bowel Disease Day 2023: लगातार पेट में दर्द, क्रैम्प व डायरिया, कहीं किसी बड़ी डिजीज का खतरा तो नहीं?

World Inflammatory Bowel Disease Day 2023: लगातार पेट में दर्द, क्रैम्प व डायरिया, कहीं किसी बड़ी डिजीज का खतरा तो नहीं?

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World Inflammatory Bowel Disease Day 2023 : आज वर्ल्ड इंफ्लेमेटरी बॉवल डिजीज डे है । इसे वर्ल्ड आईबीडी डे (IBD डे) भी कहा जाता है। पेट में दर्द, क्रैम्प्स व डायरिया होना एक आम बिमारी है लेकिन यह बिमारी यदि हफ़्तों या और महीनों के बाद भी कम ना हो तो यह आंत्र की सूजन (bowel inflammation ) का संकेत हो सकती है। आईबीडी पुरानी मेडिकल कंडीशन का एक ग्रुप है जो सूजन का कारण बनता है और कभी-कभी गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट (gastrointestinal tract) को नुकसान पहुंचा सकता है। इंफ्लेमेटरी बावल डिजीज (IBD) दो टाइप की अलग-अलग बीमारियां हैं। जिन्हे क्रोहन डिजीज और अल्सरेटिव कोलाइटिस कहा जाता है। दोनों की न्यूट्रिशनल जरूरतें अलग होती हैं। यही नहीं अक्सर ये जरूरतें प्रत्येक पेशेंट के लिए अलग-अलग होती हैं। इसलिए किसी डॉक्टर या डायटिशन की सलाह लेना जरूरी है।

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Crohn's disease:
क्रोहन्स डिजीज एक क्रोनिक इंफ्लेमेटरी डिजीज है जो डाइजेस्टिव ट्रैक्ट के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है। यह सूजन पूरी तरह से इंटेस्टाइन की दीवार के माध्यम से फैल सकती है, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर दस्त, संकुचन (strictures) फिस्टुला (fistulas), और डाइजेस्टिव ट्रैक्ट के कुछ हिस्सों के सर्जिकल रिसेक्शन (surgical resection) की आवश्यकता होती है।

Ulcerative colitis: अल्सरेटिव कोलाइटिस कोलन, जिसे लार्ज इंटेस्टाइन कहते हैं, पर होने वाली इंफ्लामेटरी डिजीज है, जो अक्सर खून वाली दस्त (bloody diarrhea) के साथ होती है। यह सूजन आंतों (intestine) की पूरी दीवार से नहीं गुजरती है जिससे फिस्टुला का खतरा नहीं होता है। हालांकि, सूजन ज़्यादा सीरियस होने पर सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

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Treating Inflammatory Bowel Disease: एक्सपर्ट्स का मानना है की क्रोहन डिजीज और अल्सरेटिव कोलाइटिस दोनों की न्यूट्रिशनल जरूरतें अलग होती हैं और यह जरूरतें प्रत्येक पेशेंट के लिए भी अलग-अलग होती हैं। ऐसे में जरूरी है कि किसी स्पेशलिस्ट या डायटिशन से सलाह लें। एक रजिस्टर्ड डायटिशन की मदद से अपना डाइट प्लान बनाएं। उनकी सलाह अनुसार अपने फ़ूड, खाने का समय और नुट्रिशन में चेंजेज लाएं।

Lifestyle Changes: अपने ट्रिगर फूड्स को पहचानें और उनके सेवन बचें। अपना ट्रिगर ट्रैक करें के लिए एक डायरी भी मेन्टेन कर सकते हैं। हालांकि कॉमन ट्रिगर्स में मसालेदार भोजन, हाई फैट फ़ूड, डेयरी प्रोडक्ट्स, कैफीन और अल्कोहल शामिल हैं। हमेशा एक संतुलित आहार चुनें, हाइड्रेटेड रहें, सही मात्रा में प्रोटीन और फाइबर खाएं।

यह भी पढ़ें: शरीर में सूजन और बेचैनी कम करने के लिए नेचुरल रेमेडीज





May 19, 2023 at 11:21AM

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